हरनाटांड़. वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने 14 अप्रैल को बेतिया डीएम दिनेश कुमार राय को बगहा 2 अंतर्गत नयागांव-रामपुर पंचायत के नीतीश नगर गांव को कार्य योजना तैयार कर विकसित करने के लिए पत्र लिखा. इस दौरान सांसद ने बताया कि एक दशक पूर्व में बगहा के शास्त्रीनगर में बसे लोगों के गंडक नदी के धाराओं में विलीन हुए गांव को बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीड़ितों के समस्याओं को मौके पर पहुंच कर तत्काल प्रभाव से बचाव कार्य करने के साथ-साथ रामपुर-हरनाटांड़ मुख्य सड़क मार्ग से सटे विस्थापितों को बसाया था. सांसद की जुबानी करीब 6 साल पूर्व में विस्थापित नीतीश नगर गांव का दौरा करने के बाद जिस अवस्था में नीतीश नगर गांव था आज भी उसी प्रकार से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहते लोग दंश झेल रहे हैं. इसके विकास कार्य योजनाओं को तैयार कर तत्काल विकास कार्य कर मुख्यमंत्री के नाम के गांव को विकसित करने के लिए बेतिया डीएम को पत्र लिखा गया है. हालांकि बिहार सरकार ने पूरी प्लानिंग के तहत नीतीश नगर को बसाया था. लेकिन अफसोस कि बात है कि अब तक प्लानिंग की गयी योजना धरातल पर नहीं पहुंची है. सरकार की प्लानिंग थी कि सड़क, गली-नाली, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि मूलभूत सुविधाओं से गांव लैस हो. लेकिन आज भी इस गांव की स्थिति बदसूरत के साथ वंचित है.ल कुमार ने 14 अप्रैल को बेतिया डीएम दिनेश कुमार राय को बगहा 2 अंतर्गत नयागांव-रामपुर पंचायत के नीतीश नगर गांव को कार्य योजना तैयार कर विकसित करने के लिए पत्र लिखा. इस दौरान सांसद ने बताया कि एक दशक पूर्व में बगहा के शास्त्रीनगर में बसे लोगों के गंडक नदी के धाराओं में विलीन हुए गांव को बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीड़ितों के समस्याओं को मौके पर पहुंच कर तत्काल प्रभाव से बचाव कार्य करने के साथ-साथ रामपुर-हरनाटांड़ मुख्य सड़क मार्ग से सटे विस्थापितों को बसाया था. सांसद की जुबानी करीब 6 साल पूर्व में विस्थापित नीतीश नगर गांव का दौरा करने के बाद जिस अवस्था में नीतीश नगर गांव था आज भी उसी प्रकार से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहते लोग दंश झेल रहे हैं. इसके विकास कार्य योजनाओं को तैयार कर तत्काल विकास कार्य कर मुख्यमंत्री के नाम के गांव को विकसित करने के लिए बेतिया डीएम को पत्र लिखा गया है. हालांकि बिहार सरकार ने पूरी प्लानिंग के तहत नीतीश नगर को बसाया था. लेकिन अफसोस कि बात है कि अब तक प्लानिंग की गयी योजना धरातल पर नहीं पहुंची है. सरकार की प्लानिंग थी कि सड़क, गली-नाली, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि मूलभूत सुविधाओं से गांव लैस हो. लेकिन आज भी इस गांव की स्थिति बदसूरत के साथ वंचित है.
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