बेतिया. नगर निगम में उस समय अफरातफरी का माहौल कायम हो गया, जब दो पार्षद आपस में भिड़ गए. पहले जुबानी जंग हुई और फिर इस दौरान देखते देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. हालांकि सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया. जानकारी के अनुसार निगम में वार्ड नंबर 37 के पार्षद शैलेश कुशवाहा और वार्ड नंबर 30 के पार्षद विजय यादव द्वारा आपस में हाथापाई की गई. वार्ड 30 के पार्षद विजय यादव ने बताया कि उनके साथ कई अन्य पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि थे. जिसमें पार्षद संघ के अध्यक्ष एनामुल हक, सहित इंद्रजीत यादव, केशव राज आदि नगर आयुक्त के पास बोर्ड के प्रोसिडिंग में योजना को जोड़ने को लेकर आवेदन देने पहुंचे थे. लेकिन इसी बीच जिला में मीटिंग होने की बात कहकर नगर आयुक्त वहां से चले गए. वार्ड 37 के पार्षद शैलेश कुशवाहा के साथ अन्य पार्षद सोनेलाल, इम्तियाज, दीपक राम आदि पहुंचे. इसके बाद आपस में गाली गलौज और कहासुनी होने लगी. इसी बीच दोनों पार्षदों में हाथापाई हो गई. विजय यादव ने कहा कि शैलेश कुशवाहा ने सोने लाल के साथ मिलकर उनके गले का चैन निकाल लिया और कपड़ा फाड़ दिया है. इधर वार्ड पार्षद शैलेश कुशवाहा का कहना था कि सभी पार्षद नगर आयुक्त से मिलने उनके चेंबर में गए थे. उनके जाते ही इंद्रजीत यादव, अभिषेक पांडेय, एनामुल हक, केशव राज, साजन पटेल, अमर यादव उन्हें गाली देने लगे. जबकि विजय यादव ने बोला कि वह मेयर के चमचा है. यह बोलने के साथ ही उन्होंने हाथ चलाना शुरु कर दिया. उन्होंने बताया कि बाकी पार्षद उन्होंने उन्हें पकड़ लिया और विजय यादव उन्हें मारने लगे. उन्होंने बताया कि इसके बाद उनके भाई सिकंदर यादव आए और दो आदमी के साथ में लेकर उनको फिर से मारा गया. इस मामले में विजय यादव ने कहा कि उन्होंने कई पार्षदों को चमचा कहकर संबोधित किया था, लेकिन शैलेश भड़क गए. इसके बाद कुछ पार्षदों ने पुलिस प्रशासन को बुलाया और मामला फिर शांत हो गया. इस मामले में अभी तक दोनों पक्षों ने पुलिस में आवेदन देने की कोई सूचना नहीं दी है. इस बीच इस संबंध में नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने पूछने बताया कि वे उस समय कार्यालय में नहीं थे. वैसे इस मामले में जानकारी लेंगे कि यह सब कैसे हुआ.
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