बेतिया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एमजेके कॉलेज इकाई द्वारा गुरुवार को उग्र धरना प्रदर्शन किया गया. इससे पूर्व कॉलेज इकाई अध्यक्ष सुमंत कुमार के नेतृत्व में कॉलेज कैंपस में ही आंदोलित छात्र छात्राओं ने आक्रोश मार्च निकाल कर घंटों नारेबाजी की. इसके बाद मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने बैठ कर धरना प्रदर्शन करते हुए उग्र नारेबाजी की. इस मौके पर कॉलेज प्रशासन की तानाशाही नहीं चलेगी समेत आदि नारों से कॉलेज परिसर घंटों गूंजता रहा. इसके बाद प्राचार्य के कार्यालय कक्ष में तालाबंदी करके विरोध उग्र विरोध जताया. छात्रों के उग्र प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचें प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने छात्रों की मांगों पर दो माह के भीतर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया. वहीं पुलिस पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच छात्रों को समझाने में जुटे रहे. इधर, कॉलेज परिसर में छात्रों के साथ धरने पर बैठे विभाग संयोजक सुजीत मिश्रा व जिला संयोजक अभिजीत राय ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार में संलिप्त हो गई है. कॉलेज प्रशासन महाविद्यालय को पवित्र शिक्षा मंदिर की जगह लाखों की अवैध उगाही का स्थान बना दिया है. मनचाही नियुक्ति, करोड़ों के निर्माण कार्य में खुले भ्रष्टाचार के साथ प्रशासनिक अकर्मण्यता और तानाशाही का केंद्र बन गया है. जिससे कॉलेज के सभी विद्यार्थी त्रस्त हैं. आंदोलित छात्र नेताओं का कहना था कि अभाविप का ये मानना रहा है कि छात्र संगठन रचनात्मक रूप से महाविद्यालय के विकास में सहयोगी रहने चाहिए. लेकिन महाविद्यालय प्रशासन ने सहयोग रूपी भावना को कमजोरी समझा है. इसके लिए आज परिषद के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आज कॉलेज के हजारों छात्र छात्राओं की उपस्थिति को मुखर विरोध करना पड़ा है. आंदोलनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि रवैया और स्थिति में ऐसा आंदोलन कॉलेज के प्राचार्य द्वारा सुधार की तय समय सीमा के बाद इसी मुद्दे पर विश्वविद्यालय परिसर में भी आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा. विद्यार्थी परिषद नेताओं ने अपने मांगों की जानकारी देते हुए बताया कि – छात्रों के लिए मूलभूत आवश्यकता जैसे पेयजल, शौचालय,नियमित साफ सफाई आदि की व्यवस्था भी नहीं है. मवेशी आज खुले में घूमकर कॉलेज परिसर को गंदा करते रहते हैं. इनका आरोप था कि प्राचार्य को अपने कार्यालय की सफाई और सुंदर बनाने मात्र से मतलब है. प्रांत कार्यकारिणी सदस्य विशाल झा व नगर मंत्री शैलेश कुशवाहा व सितांशु दिव्याल ने कहा कि ये परिषद के आंदोलन की शुरुआत मात्र है. महाविद्यालय के भ्रष्टाचार की पोल खोलने हेतु विश्वविद्यालय से लेकर राजभवन तक अपने विरोध की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी. मौके पर अनमोल तिवारी, उत्कर्ष मिश्रा, कुमार मंगलम, आकाश गुप्ता, शुभम कुमारी, अंकुश सिंह, मुस्कान शुक्ला, आदित्य, आदित्य वर्णवाल, मेराज आलम, अमन शर्मा, सुशांत सिंह, राजीव पटेल, राधेश्याम गुप्ता, किशन ब्याहुत, मंजीत ठाकुर, धीरज ब्याहुत, उमंग सिंह आदि दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे.
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