34.04 करोड़ बकाया बिजली बिल के लिए अब अध्यक्ष ने अपनाया कड़ा रुख

नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के बकाया बिजली बिल के भुगतान में अनदेखी पर अब कंपनी के अध्यक्ष ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है.

बेतिया. नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के बकाया बिजली बिल के भुगतान में अनदेखी पर अब कंपनी के अध्यक्ष ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. अध्यक्ष ने संबंधित विभाग को बकाया बिजली बिल यथाशीघ्र भुगतान करने की बात कही है. नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष की ओर से लिखे पत्र के अनुसार 1 मई 2025 तक पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न विभागों के पास 34.04 करोड़ रुपये बिजली विपत्र के रूप में बकाया है. इसमें सर्वाधिक विपत्र की राशि जिले के शहरी आवास एवं विकास विभाग के जिम्मे है. जबकि दूसरे स्थान पर लघु जल संसाधन विभाग है, इस विभाग पर 5.80 करोड़ विद्युत विपत्र की राशि बकाया है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पर 5.33 करोड़, पंचायती राज विभाग पर 3.61 करोड़, प्राथमिक शिक्षा विभाग पर 2.33 करोड़ रुपये बिजली विपत्र के रूप में बकाया है. इसी तरह श्रम संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जल संधाधन विभाग पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, समान्य प्रशासन विभाग, सहकारिता विभाग, कृषि विभाग, चुनाव विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, भ्वन निर्माण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि के जिम्मे करोड़ों रुपये विभाग का बकाया है. विभाग ने जारी पत्र में जिले में चल रहे सात निश्चय योजना के तहत जलापूर्ति में विभिन्न यूनिटों में 12.93 करोड़ रुपये विपत्र बकाया की बात कही है. इसमें कहा गया है कि जिले में सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल क्रियान्वयन और संचालन का कार्य पंचायती राज विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के द्वारा चलाया जा रहा है. विदित हो कि सरकारी विभागों पर विद्युत विपत्रों के भुगतान कराने को लेकर नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक निलेश रामचंद्र देवरे ने पूर्व में फरवरी माह में हीं पत्र भेजकर बकाया भुगतान कराने का अनुरोध किया था. लेकिन विभागों की ओर से बिद्यूत विपत्र जमा नही करने के कारण अब अध्यक्ष पंकज कुमार पाल ने पत्र भेजकर संबंधित विभागों से विपत्रों के भुगतान कराने का आग्रह किया गया है.

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Author: SATISH KUMAR

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