मददगार स्वभाव बना रामदेव राम की हत्या की वजह

मुफस्सिल थाना के बरबत सेना निवासी रामदेव राम भूमि समेत अन्य सभी मामले जानकारी रखते थे और समय-समय पर अपने पास पहुंचने वाले ग्रामीणों की मदद भी करते थे.

बेतिया. मुफस्सिल थाना के बरबत सेना निवासी रामदेव राम भूमि समेत अन्य सभी मामले जानकारी रखते थे और समय-समय पर अपने पास पहुंचने वाले ग्रामीणों की मदद भी करते थे. उनकी हत्या का मूल कारण भूमि विवाद में दूसरे ग्रामीण को मदद करना ही परिजनों ने पुलिस को बताया है. घटना के बाद इसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश कायम रहा. पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृत रामदेव राम का शव उनके गांव पहुंचा. देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. सभी इस हत्या कांड की निंदा और प्रशासन से हत्यारों को कड़ी-से कड़ी सजा दिलाने की बात कर रहे थे. इस बीच परिजनों के चीत्कार से पूरा ग्रामीण माहौल गमगीन हो गया था. लगातार आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती ही जा रही थी. हालांकि देर रात हुई घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन की सक्रियता और लगातार एसडीपीओ विवेक दीप के नेतृत्व में परिजनों को उचित न्याय प्रदान करने और हत्यारों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शने का आश्वासन पर परिजन और आक्रोशित ग्रामीण शांत हो गये. तत्पश्चात एसडीपीओ विवेक दीप के नेतृत्व में मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया. इधर ग्रामीणों ने बताया कि मृत रामदेव राम को चार पुत्र और तीन पुत्रियां हैं. इनमें सभी की शादियां हो चुकी हैं. इस घटना को लेकर घर पर पहुंचे मृत रामदेव राम के परिजन काफी सदमे में दिखे. बार-बार मृत रामदेव की पत्नी शांति देवी गिरकर बेहोश हो रही थी. इसी तरह उनकी तीन बेटियां भी दहाड़े मारकर रो रही थीं, पुत्र मोहन, जीतन, कृष्णा और श्रवण राम का रो-रोकर हाल बुरा था. ग्रामीणों ने बताया कि रामदेव राम इस टोले के एक जानकार ग्रामीण थे और हमेशा लोगों से जुड़ाव रखते थे. यहीं कारण था कि उनकी हत्या की खबर से इस गांव ही नहीं आसपास के लोगों में आक्रोश कायम हो गया. वैसे इस घटना के बाद समाजसेवी रविंद्र सिंह बौद्ध समेत दर्जनों प्रबृद्ध ग्रामीणों ने परिजनों को ढ़ांढस बंधाया और अंतिम संस्कार तक में शामिल हुए. ———— कुछ दिन पहले बुनी गयी थी हत्या कांड की साजिश परिजनों का कहना था कि रामदेव राम की हत्या की साजिश कुछ दिनों पूर्व ही बुनी गयी थी. उनके पुत्र जीतन राम की मानें तो कई बार हत्यारोपी उनके पिता को धमकी दिये थे और रात में जब वह खा पीकर सड़क पर टहलते थे तो कई बार उनको कतिपय लोगों ने बोला था कि बहुत देर तक सड़क पर टहलते हैं. यह ठीक नहीं है. उसका कहना है कि यह साजिश कुछ दिनों से बुनी जा रही थी. इसी आशंका को लेकर उसके पिता ने मई माह के अंतिम सप्ताह में सदर एसडीएम के यहां सूचना दी थी.

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Author: SATISH KUMAR

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