Narkatiaganj News: अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार को मरीज की जांच के लिए लाइन में लगने के दौरान एक आशा कार्यकर्ता और महिला सुरक्षा गार्ड के बीच विवाद मारपीट में बदल गया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा. सूचना मिलने पर शिकारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया.
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
लाइन में खड़े होने के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, भभटा गांव की आशा कार्यकर्ता हमीदा खातून अपनी मरीज हसीना खातून को जांच के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंची थीं.
आरोप है कि जांच के लिए कतार में खड़े होने के दौरान महिला सुरक्षा गार्ड अंशु कुमारी ने उन्हें लाइन से हटाया. इसी बात को लेकर पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई.
हंगामे के बाद अस्पताल पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद अन्य आशा कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गईं और सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा करने लगीं.
स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने एसडीएम और शिकारपुर थाना पुलिस को सूचना दी. इसके बाद एसआई पप्पू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया.
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए महिला सुरक्षा गार्ड को अस्पताल प्रबंधक के कक्ष में सुरक्षित रखा गया.
दोनों पक्षों ने लगाए अलग-अलग आरोप
आशा कार्यकर्ता हमीदा खातून का आरोप है कि वह मरीज को जांच के लिए लेकर आई थीं, लेकिन सुरक्षा गार्ड ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की.
वहीं महिला सुरक्षा गार्ड अंशु कुमारी ने इन आरोपों से इनकार किया. उनका कहना है कि वह केवल मरीजों को कतारबद्ध करा रही थीं. उनके अनुसार, आशा कार्यकर्ता अन्य मरीजों से पहले जांच कराने का प्रयास कर रही थीं, जिसे रोकने पर विवाद हुआ.
अस्पताल प्रबंधन ने शुरू की जांच
अस्पताल प्रबंधक विपिन राज ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है. दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है.
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
