नगर निगम क्षेत्र सहित सभी शहरी प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन की खानापूरी

बीपीएससी से तीसरे चक्र की शिक्षक बहाली में पश्चिम चंपारण जिले के स्कूलों में कुल 3012 शिक्षक शिक्षिकाओं का पदस्थापन हुआ है.

रवि ””””रंक”””” बेतिया

बीपीएससी से तीसरे चक्र की शिक्षक बहाली में पश्चिम चंपारण जिले के स्कूलों में कुल 3012 शिक्षक शिक्षिकाओं का पदस्थापन हुआ है. बावजूद इसके जिला मुख्यालय सहित शहरी के दर्जनों नामी गिरामी प्लस टू स्कूलों में एक भी पदस्थापन नहीं किया गया है. जिला में 3,012 पदस्थापन होने के बाद भी शहरी स्कूलों में पढ़ रहे हजारों विद्यार्थियों में भारी निराशा है.

शहरी क्षेत्र के अधिसंख्य सरकारी प्लस टू स्कूलों में भाषा, गणित,विज्ञान विषयों के शिक्षक शिक्षिका बीते करीब दो साल से नदारद हैं. जबकि इस दौरान बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा तीन चरणों में हजारों शिक्षक शिक्षिकाओं की बहाली की गई है. ग्रामीण क्षेत्र के उच्च और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्तर में औसतन एक से डेढ़ सौ विद्यार्थियों पर दो से ढाई से दर्जन शिक्षक शिक्षिका पदस्थापित हैं.जबकि डेढ़ से दो हजार छात्र छात्राओं के नामांकन वाले शहरी क्षेत्र के नामी गिरामी स्कूलों छठी से 12 वीं तक के लिए बमुश्किल डेढ़ दर्जन शिक्षक शिक्षिका ही बीते दो साल से पठन पाठन व्यवस्था की खानपुरी कर रहे हैं.ऐसे चर्चित अधिकांश स्कूलों में भाषा, विज्ञान और गणित जैसे विषयों के शिक्षक नदारद हैं. अनेक प्रधानाध्यापक गण ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि हमारे स्कूल में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के करीब दर्जनभर पद वर्षों से खाली रहने से छात्र छात्राओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार हो रहा है. इन प्रधानाचार्य गण ने यह भी बताया कि प्रथम से तीसरे चरण की बीपीएससी से हुई बहाली में हमारे जैसे स्कूलों के दर्जनों नियोजित शिक्षक शिक्षिका चयनित होकर नगण्य विद्यार्थियों वाले ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पद स्थापित हो चुके हैं.

कोट…

पश्चिम चंपारण जिले में विभिन्न कोटि के दो हजार से अधिक शिक्षक शिक्षिकाओं रिक्ति अब भी बरकरार है. विभाग द्वारा विभिन्न चरणों में की गई बहाली के बाद पदस्थापन की कार्रवाई भी मुख्यालय स्तर से किए जाने और प्रतिनियुक्ति पर विभागीय रोक से हम कुछ विशेष नहीं कर पा रहे हैं. विभागीय पोर्टल पर जिले की सभी रिक्तियां अपलोड हैं. शहरी क्षेत्र के स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था सुधार की पहल जिला स्तर से फिलहाल संभव नहीं है.

-मनीष कुमार सिंह, डीईओ, पश्चिम चंपारण

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By SATISH KUMAR

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