West Champaran News: हरनाटांड़. में मौसम के बदले मिजाज ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. दिन चढ़ते ही तेज धूप, धूप-छांव और पुरवा हवा के बीच बढ़ी उमस से जनजीवन प्रभावित हो गया. रात की ठंडक सुबह तक गायब हो गई. बाजारों, चौक-चौराहों और सड़कों पर गर्मी व चिपचिपाहट से लोग परेशान नजर आए. दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही, जबकि अधिकांश लोग पेड़ों और दुकानों की छांव में राहत तलाशते दिखे.
उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ा बीमारी का खतरा
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. चिकित्सकों के अनुसार उमस और नमी वाला मौसम वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, डायरिया, फूड पॉइजनिंग, सिरदर्द, चक्कर आना और त्वचा संबंधी संक्रमण के लिए अनुकूल माना जाता है.
खानपान और साफ-सफाई में लापरवाही पड़ सकती है भारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है. उनका कहना है कि दूषित भोजन और गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए ताजा और गर्म भोजन का सेवन करें तथा स्वच्छ पेयजल का ही उपयोग करें.
डॉक्टर ने दिए बचाव के जरूरी उपाय
हरनाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. राजेंद्र काजी ने बताया कि तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को गमछे या टोपी से ढकें और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का उपयोग करें. पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पिएं, ओआरएस का सेवन करें तथा भोजन में हरी सब्जियां और मौसमी फल शामिल करें. उन्होंने घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा कहीं भी पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी.
लक्षण दिखते ही तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह
डॉ. राजेंद्र काजी ने कहा कि यदि बुखार, उल्टी, दस्त, चक्कर या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो तो बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें. समय पर उपचार और थोड़ी सी सावधानी बरतकर अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है.
