हरनाटांड़. जैव विविधता का खजाना कहे जाने वाले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रक्षेत्र के जंगल बार-बार आग की लपटों की चपेट में आ रहा है. दुर्लभ वन्यजीवों व वनस्पतियों वाले इस जंगल में आग से भारी नुकसान बढ़ रही है. वन क्षेत्रों को आग से बचाने के लिए फायर वाचरों की तैनाती के बाद भी जंगलों की हिफाजत चुनौती साबित हो रही है. इसी क्रम में शनिवार की दोपहर वन प्रमंडल दो मदनपुर वन प्रक्षेत्र के सदाबहार जंगल में आग लग गयी. तेज पछुआ हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी. जिससे जंगल में रहने वाले छोटे-बड़े वन्यजीवों में अफरा-तफरी मच गयी. इसकी सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम रामपुर वन परिसर के वन कक्ष संख्या एम-3 के जंगल में पहुंच कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पा लिया. इस संदर्भ में मदनपुर वन प्रक्षेत्र अधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा वन कक्ष संख्या एम 3 के जंगल में आग लगा दी गयी थी. लेकिन वन कर्मियों की टीम जंगल में पेट्रोलिंग कर रही थी. आग की सूचना मिलते ही वनरक्षी सुजीत कुमार के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंच समय रहते आग पर काबू पा लिया. लेकिन आग से जंगल को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह आग वन तस्करों और असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर लगाई गई है. घटना के बाद आरोपी जंगल से फरार हो गए. जंगल में खरपतवार, पटेर और छोटे छोटे पौधे जले हैं.सीमावर्ती गांवों के लोगों से आग नहीं लगाने की अपील
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