नगर निगम में विलय से पूर्व बेतिया प्रखंड के सात पंचायतों में 28 करोड़ के गबन की होगी जांच

बेतिया प्रखंड के सात पंचायतों के नगर निगम में विलय से पूर्व 28 करोड़ राशि की गबन की अब जांच होगी.

बेतिया. बेतिया प्रखंड के सात पंचायतों के नगर निगम में विलय से पूर्व 28 करोड़ राशि की गबन की अब जांच होगी. इसको लेकर डीआरडीए निदेशक अरुण प्रकाश ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है. टीम में राष्ट्रीय योजना कार्यक्रम के परियोजना निदेशक अमित कुमार पांडेय, डीपीओ मनरेगा राजीव कुमार व डीआरडीए मनरेगा के कार्यपालक अभियंता सुरेश कुमार चौधरी शामिल हैं. प्रशासन जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के अध्यक्ष सह सांसद डॉ संजय जायसवाल के सख्ती के बाद हरकत में आया है. टीम गठित करने के बाद डीआरडीए निदेशक ने निर्देश दिया है कि बेतिया प्रखंड के पंचायतों का नगर निगम में विलय के समय हुए राशि गबन का जांच प्रतिवेदन व कृत कार्रवाई का विवरणी भी उपलब्ध कराना है. साथ ही चनपटिया प्रखंड के पतरखा, तुनिया विशुनपुर पंचायत के उदयपुर प्राणी बिहार में हुए मनरेगा योजना के कार्यों के खिलाफ मनरेगा राशि की वापसी के लिए किए गए कृत कार्रवाई की भी जानकारी उपलब्ध करानी है. टीम को जांच रिपोर्ट हर हाल में 22 अप्रैल तक अचूक रुप से समर्पित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि दिशा के अध्यक्ष को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके. नगर आयुक्त, सीएस, जीएमसीएच अधीक्षक, जिप के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी व कार्यपालक अभियंता से भी प्रतिवेदन मांगा गया है. दिशा अध्यक्ष के सख्ती के बाद आधा दर्जन विभाग के पदाधिकारियों से प्रतिवेदन की मांग की गई है. जिन अधिकारियों से प्रतिवेदन की मांग की गई है,उसमें नगर आयुक्त, सीएस, जीएमसीएच के अधीक्षक, अभियंता, बेतिया, नरकटियागंज, बगहा-एक व बगहा-दो के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी व नरकटियागंज के बीडीओ शामिल हैं. मांगे गए प्रतिवेदन में स्वास्थ्य विभाग एवं मेडिकल कॉलेज की कार्य व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 शामिल हैं. इसके अलावे बेतिया नगर निगम में बुडको सहित केन्द्र सरकार की योजनाओं के सीएजी रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई, वर्ष 2023 में जिला परिषद् अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के जिला परिषद् क्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा की गई जांच एवं उसके उपरांत की गई कार्रवाई व शिकारपुर पंचायत में हुए कार्यों में सीएजी रिपोर्ट के आधार की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है. इसे 21 अप्रैल तक अचूक रुप से डीआरडीए निदेशक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. —————- बैरिया प्रखंड के बैरिया पंचायत में योजनाओं में भारी अनियमितता की जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम जिले के बैरिया प्रखंड के बैरिया पंचायत में योजनाओं में हुई भारी अनियमितता की जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी. टीम में राष्ट्रीय योजना कार्यक्रम के परियोजना निदेशक अमित कुमार पांडेय, डीपीओ मनरेगा राजीव कुमार व डीआरडीए मनरेगा के कार्यपालक अभियंता सुरेश कुमार चौधरी शामिल हैं. 26 दिसंबर 2024 में आयोजित दिशा की बैठक में वाल्मीकिनगर के सांसद ने बैरिया प्रखंड के बैरिया पंचायत के वार्ड- 10 में मनरेगा योजना के तहत बैरिया मेन नहर से होकर कठवन नदी तक जाने वाली योजना में गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था. डीआरडीए निदेशक ने जांच टीम को मामले की संयुक्त जांच कर प्रतिवेदन 21 अप्रैल तक अचूक रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. ताकि दिशा के अध्यक्ष वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके.

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By SATISH KUMAR

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