देर रात में दुर्गावती देवी का शव पहुंचा मतराजी गांव, चीख-पुकार से गूंजा गांव

झारखंड के बाबा धाम से लौटते समय सड़क दुर्घटना में दुर्गावती देवी की मौत के बाद परिजनों ने पहुंच देवघर से शव को लेकर मंगलवार की देर रात लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ के मतराजी गांव उनके निवास स्थान पर पहुंचे.

हरनाटांड़. झारखंड के बाबा धाम से लौटते समय सड़क दुर्घटना में दुर्गावती देवी की मौत के बाद परिजनों ने पहुंच देवघर से शव को लेकर मंगलवार की देर रात लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ के मतराजी गांव उनके निवास स्थान पर पहुंचे. शव घर पहुंचते ही पति गम्हा महतो व उनके बच्चों की रो रोकर बुरा हाल हो गया. मतराजी गांव में दुर्गावती देवी के शव पहुंचते ही गांव में मातम सा पसर गया. दुर्गावती देवी की शव व उनके परिजनों को रोते देख गांव वाले भी आंसुओं को रोक नहीं सके. समझाते हुए रोने से नहीं रोक पा रहे रिश्तेदार व लोग बता दें कि झारखंड के देवघर में मंगलवार की सुबह बस और सिलेंडर लदे ट्रक में भीषण टक्कर हुई थी. हादसे में आधा दर्जन मरने वालों में बगहा पुलिस जिला के लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ मतराजी गांव निवासी गम्हा धागड़ की पत्नी दुर्गावती देवी (45 वर्ष) भी शामिल थी. वहीं घायलों में एक बच्ची समेत आठ लोग शामिल थे. दुर्घटना में गंभीर घायलों का इलाज अभी भी देवघर एम्स समेत अन्य अस्पतालों में हो रहा है. वहीं दुर्गावती देवी का शव मंगलवार की देर रात उनके निवास स्थान मतराजी पहुंच गया है. मां के शव से लिपट छोटी बेटी का रो रो कर बेहोश हो जा रही थी तो उधर पति का भी रो रोकर बुरा हाल हो गया. शव को बुधवार की सुबह मतराजी समीप दोन नदी घाट पर दाह संस्कार किया गया. उधर मृतका के यहां पहुंच रहे रिश्तेदारों को देख पति व बेटे-बेटियों की रो रोकर कर बुरा हाल हो गया है. घर पहुंचे रिश्तेदार समेत गांव के लोग समझाते हुए अपनी आंखें आंसुओं को नहीं रोक पा रहे हैं. बीते 16 घंटों से नहीं जले चूल्हे झारखंड के देवघर में बस व सिलेंडर लदे ट्रक की टक्कर में मतराजी के लोग की मौत व घायल होने की सूचना जब से मिली है तब से लेकर बुधवार की अहले सुबह तक मृतक समेत घायलों की यहां चूल्हे नहीं जले. मृतक व घायलों के घर के छोटे बच्चों को पड़ोसियों ने अपने यहां खाना व बिस्कुट, चूड़ा-भुजा खिलाकर संभालने की कोशिश कर रहे हैं. घायलों के परिवारों को सता रही चिंता, फोन पर ले रहे हाल दुर्गावती देवी के शव को देख व घटनास्थल की फोटो को देख गंभीर रूप से घायलों के परिजन चिंता के कारण रो रहे है. घायल के परिजनों के यहां से गये लोगों से फोन पर बात कर पल-पल की हालचाल ले रहे हैं. गंभीर रूप से घायलों के परिजनों को जैसे ही फोन आ रही है उनको अनहोनी का डर सताने लग रहा है.

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Author: SATISH KUMAR

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