Bettiah News: मझौलिया चीनी मिल के पोषक क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश ने गन्ने की फसल में नई जान फूंक दी है. लंबे समय से वर्षा का इंतजार कर रहे काश्तकारों के लिए यह बूंदाबांदी राहत बनकर आई है. मझौलिया चीनी मिल के सीजीएम उदयवीर सिंह (यूके सिंह) ने बताया कि इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे गन्ने की बढ़वार तेज होगी और इस वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है.
किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती की सलाह
चीनी मिल प्रबंधन ने किसानों को सुझाव दिया है कि वे नमी का लाभ उठाते हुए गन्ने की जड़ों के पास संतुलित मात्रा में यूरिया का प्रयोग करें. इससे पौधों में कल्ले तेजी से निकलेंगे. सीजीएम ने सूक्ष्म पोषक तत्वों के फोलियर स्प्रे पर भी जोर दिया ताकि पैदावार की गुणवत्ता बेहतर हो सके. उन्होंने इस बारिश को ‘अमृत समान’ बताते हुए कहा कि इससे फसल की वृद्धि में आने वाली बाधाएं दूर होंगी.
कीट नियंत्रण और गहरी जुताई पर जोर
सीजीएम श्री सिंह ने किसानों को चूषक कीटों के नियंत्रण के लिए नियमित स्प्रे करने की सलाह दी है. साथ ही, उन्होंने अपील की कि गेहूं कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में नमी का फायदा उठाकर गहरी जुताई करें ताकि जमीनी कीट नष्ट हो सकें. इसके लिए चीनी मिल द्वारा उर्वरक और अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है.
रिकॉर्ड उत्पादन की ओर बिहार
माधोपुर कृषि अनुसंधान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके और मौसम के साथ से गन्ना उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित हो सकता है. वहीं, गन्ना उद्योग विभाग के इखायुक्त अनिल झा ने बताया कि विभाग मिलों के साथ समन्वय बनाकर किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है. बिहार सरकार की इन कोशिशों और समय पर हुई बारिश से इस साल गन्ने की बंपर पैदावार की पूरी संभावना है.
बेतिया के मझौलिया से संजय कुमार पांडे की रिपोर्ट
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