Bettiah News: “भारत की जनगणना 2027” के तहत मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य में लगे प्रगणक व पर्यवेक्षक शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने स्थिति साफ कर दी है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने पश्चिम चंपारण सहित राज्य के सभी जिलाधिकारियों और डीईओ को पत्र भेजा है. आदेश के मुताबिक, जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल अवधि से पहले या स्कूल खत्म होने के बाद ही फील्ड वर्क करेंगे. विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन का कार्य अचूक रूप से जारी रहेगा.
असमंजस की स्थिति पर लगा विराम
विभिन्न जिलों में उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर अलग-अलग निर्देश जारी हो रहे थे, जिससे शिक्षकों में भ्रम की स्थिति थी. कड़क मिजाज आईएएस अधिकारी डॉ. बी. राजेंदर ने इस पर एकरूप दिशा-निर्देश जारी किया है. उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षक अपनी नियमित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त ही जनगणना का कार्य करेंगे. शिक्षण कार्य किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होना चाहिए.
31 मई तक प्रशिक्षण से मिली मुक्ति
शिक्षकों पर काम का बोझ संतुलित करने के लिए विभाग ने एक और राहत दी है. जनगणना के प्रथम चरण यानी 31 मई 2026 तक शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अनिवार्य प्रशिक्षण संबंधी दायित्व से मुक्त रखा जाएगा. आपको बता दें कि रामनगर, बेतिया और चनपटिया में ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ के सहारे शिक्षण कार्य से मुक्त रहने के स्थानीय आदेशों के बाद विवाद बढ़ रहा था, जिस पर अब विभाग ने पूरी तरह विराम लगा दिया है.
बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
