वायरल होने के चक्कर में AI से बेतिया-बगहा स्टेशन डूबने की बनाई वीडियो, बुरे फंसे, रेलवे ने दर्ज कराई शिकायत

बेतिया और बगहा रेलवे स्टेशन के जलमग्न होने का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. रेलवे ने इसे भ्रामक बताते हुए शिकायत दर्ज कराई और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू की.

पश्चिम चंपारण न्यूज: सोशल मीडिया पर वायरल होने और लोगों का ध्यान खींचने के चक्कर में बेतिया और बगहा रेलवे स्टेशन के जलमग्न होने की फर्जी वीडियो बनाकर प्रसारित करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पिछले 10-15 दिनों से फेसबुक, एक्स और यूट्यूब समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो तेजी से वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें बेतिया और बगहा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पानी में डूबे दिखाए जा रहे हैं. समस्तीपुर रेल मंडल ने इन वीडियो और दावों को पूरी तरह भ्रामक, असत्य और बेबुनियाद बताया है.


रेलवे ने दर्ज करायी शिकायत, संदिग्धों पर नजर

फर्जी वीडियो के मामले को रेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विधिवत शिकायत और आपत्ति दर्ज करा दी गयी है. इसके साथ ही ऐसे वीडियो पोस्ट करने वाले संदिग्ध प्रोफाइलों एवं व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है. रेलवे ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी.


दहशत फैलाने की कोशिश

रेल प्रशासन के अनुसार इस तरह की फर्जी सामग्री के माध्यम से यात्रियों और आम लोगों में अनावश्यक भय, भ्रम और दहशत पैदा करने की कोशिश की जा रही है. खासकर बाढ़ और भारी बारिश के दौरान इस तरह के वीडियो यात्रियों को गुमराह कर सकते हैं और रेल यात्रा को लेकर अनावश्यक अफरातफरी पैदा कर सकते हैं.


स्टेशन डूबा नहीं, फिर सोशल मीडिया पर कैसे पहुंचा वीडियो?

रेल प्रशासन के अनुसार बेतिया और बगहा स्टेशनों पर रेल परिचालन सामान्य एवं सुचारू रूप से जारी है. यात्री सुविधाएं भी सामान्य हैं. इसके बावजूद स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पानी में डूबने का दावा करते हुए वीडियो प्रसारित किए जाने से यात्रियों और आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. रेलवे का कहना है कि इस तरह की फर्जी सामग्री के जरिये अनावश्यक भय और दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है. सोशल मीडिया पर किसी वीडियो को बड़ी संख्या में व्यू और शेयर मिलने के लालच में बिना सत्यापन सामग्री तैयार कर प्रसारित करना अब भारी पड़ सकता है.

वायरल वीडियो की स्नैपशॉट | Prabhat Khabar Network

वाराणसी और छपरा में भी क्रिएटर्स पर हो चुका है केस

रेलवे पहले भी AI से तैयार फर्जी जलजमाव वीडियो के मामलों में कार्रवाई कर चुका है. वाराणसी कैंट स्टेशन के जलभराव का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में दो इंस्टाग्राम अकाउंट धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. ऐसे मामलों में रेलवे अब सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री की निगरानी और उसके स्रोत की पहचान को लेकर सख्ती बरत रहा है.


रेलवे की अपील- बिना सत्यापित वीडियो नहीं करें शेयर

समस्तीपुर रेल मंडल ने यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या पोस्ट को बिना सत्यापन सच न मानें और उसे शेयर न करें. ऐसी फर्जी सामग्री सामने आने पर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें. रेल परिचालन से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक रेलवे स्रोतों पर भरोसा करें.

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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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