बेल्ट्रॉन डाटा एंट्री ऑपरेटरों का फूटा गुस्सा! 10% मानदेय वृद्धि रोके जाने पर बेतिया में महामंथन, आंदोलन की चेतावनी

पश्चिम चंपारण में बेल्ट्रॉन के तहत कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने 10% वार्षिक मानदेय वृद्धि रोके जाने के सरकार के फैसले पर गहरा विरोध जताया है. उन्होंने एकजुट होकर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया है.

पश्चिम चंपारण: बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को बेतिया अनुमंडल कार्यालय स्थित आपातकालीन सभागार में आयोजित की गई. इस बैठक में बेल्ट्रॉन (BELTRON) के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा पर कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों, प्रोग्रामरों और अन्य कर्मियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मोर्चा के प्रमुख शेषांक कुमार, मिथिलेश गुप्ता, लक्ष्मण शर्मा, प्रभुनाथ सिंह, रूपेश पांडे, अजय कुमार एवं कौशलेन्द्र शाही ने की. बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन को जिला स्तर पर सुदृढ़ करना और कर्मियों की ज्वलंत मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय करना रहा.

10 प्रतिशत वार्षिक मानदेय वृद्धि रोकने पर फूटा कर्मियों का आक्रोश

बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा कर्मियों के मानदेय में दी जाने वाली 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को अचानक बंद किए जाने के निर्णय पर ऑपरेटरों ने कड़ा विरोध और गहरा आक्रोश व्यक्त किया. मोर्चा के प्रमुख मिथिलेश गुप्ता ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के इस अप्रत्याशित और एकतरफा निर्णय से संविदा कर्मियों के सामने अब ‘करो या मरो’ जैसी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि प्रशासनिक इतिहास में संभवतः यह पहली बार हुआ है जब सरकार ने अपने ही कर्मियों को पहले से दी जा रही मूलभूत सुविधा को वापस छीन लिया है. मोर्चा इस फैसले की पुरजोर निंदा करता है.

सभी जिलों के कर्मियों को एक मंच पर लाने का आह्वान

नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अब आर-पार की लड़ाई आवश्यक हो गई है. अपने संवैधानिक और जायज हक के लिए सभी कर्मियों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा. इसके लिए पूरे बिहार के विभिन्न जिलों में कार्यरत ऑपरेटरों को एक साझा मंच पर लाने की व्यापक मुहिम शुरू की जाएगी. जब तक मानदेय वृद्धि बहाल नहीं की जाती और सेवा शर्तों से जुड़ी विसंगतियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा.

अनुमंडलवार बैठकों के जरिए आंदोलन तेज करने का निर्णय

बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि आंदोलन को धारदार बनाने के लिए जिले के सभी अनुमंडलों में जल्द ही क्रमवार विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी. इसके तहत जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाया जाएगा और अधिक से अधिक कर्मियों को सक्रिय रूप से आंदोलन से जोड़ा जाएगा.

बैठक में सैकड़ों संविदा कर्मी रहे उपस्थित

इस सांगठनिक बैठक में निश्चित यादव, आर्य विशाल, नितेश कुमार, हिर्दयानंद प्रजापति, संजय कुमार, संतोष कुमार, राजन पाण्डेय, धर्मेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्त सैकड़ों डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित थे. सभी कर्मियों ने एक स्वर में संगठन के निर्देशों का पालन करने और हक की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने का सामूहिक संकल्प लिया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >