हरनाटांड़. वीटीआर के जंगल से भटका एक भालू लौकरिया थाना के सिधांव सरेह में पहुंच शुक्रवार की अहले सुबह शौच करने गए सिधांव निवासी बुधन पासवान (50 वर्ष) पर हमला कर दिया. जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए. वही चिल्लाने की आवाज पर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच कर घायल व्यक्ति को उपचार के लिए पीएचसी हरनाटांड़ लाए. जहां चिकित्सक डॉ. राजेंद्र काजी ने उपचार किया तथा बेहतर उपचार कर घर भेज दिया गया.
भालू ने कैसे किया हमला:
लौकरिया थाना क्षेत्र के सिधांव गांव निवासी बुधन पासवान अपने घर से शुक्रवार की सुबह शौच करने खेत में गया था. जब खेत में शौच करने बैठे तो भालू अचानक पीछे से हमलाकर दिया. यह किसी तरह भागने का प्रयास किए और कुछ दूर जाकर गिर पड़े. लेकिन भालू फिर इनके पीछे जा पहुंचा. तब यह चिल्लाने गये और अपना दोनों पैर भालू के ऊपर चलाने लगे. जिस पर भालू ने पंजा से दोनों पैर को बुरी तरह से जख्मी कर दिया. तब तक ग्रामीण हो हल्ला, लाठी डंडा व टीन बजाते हुए पहुंचे तो भालू गन्ना के खेत के तरफ भाग गया. ग्रामीण तुरंत घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़ ले गये. जहां घायल का इलाज हुआ. वही चिकित्सक डॉ. राजेंद्र काजी ने बताया कि भालू के हमले में घायल का पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया था. जिसका इलाज किया गया है. फिलहाल घायल की स्थिति स्थिर है. उन्होंने बताया कि भालू के हमले से बचाव के लिए अधेड़ व्यक्ति द्वारा पैर से भालू को हटाया गया है. जिसके कारण भालू ने पैर को बुरी तरह से जख्मी कर दिया है. वीटीआर में भालुओं की संख्या में हो रहा इजाफावाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ साल में भालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. इसका परिणाम यह है कि वे जंगल से बाहर आकर रिहायशी इलाकों के गन्ना के खेतों में पहुंच रहे है. इससे मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही है. हालांकि भालू की बढ़ती संख्या पर्यटन के लिए शुभ संदेश दे रहा है. वीटीआर में आने वाले पर्यटक भालू को सामने से देखकर रोमांचित हो रहे है. बढ़ते हुए वन्यजीवों के कारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है.कैसे करें बचावजंगलों और भालू प्रभावित क्षेत्रों में अकेले जाने से बचे. अगर भालू दिखे तो शांति बनाए रखे और धीरे-धीरे पीछे हटे. अचानक सामने आने पर भागने की बजाय शांत रहकर स्थिति को संभाले. कूड़े या खाने की गंध से भालू आकर्षित होते है. इसलिए खुले में भोजन न छोड़े. वन क्षेत्र अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जंगल से सटे सरेहों की ओर लोग अकेले न जाए. उन्होंने बताया कि जंगल व रिहायशी इलाकों का क्षेत्र एक दूसरे से खुला क्षेत्र है. आमतौर पर जानवरों का आना जाना लगा रहता है.
बोले रेंजरइधर हरनाटांड़ वन क्षेत्र अधिकारी शिवकुमार राम ने बताया कि अभी तक वन विभाग कार्यालय में कोई ऐसी सूचना और आवेदन प्राप्त नहीं हुई है. अगर परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त होता है तो विभागीय जांच पड़ताल व कार्रवाई कर मुआवजा राशि दिलाई जाएगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
