Bagaha News: देसी घड़ों की बढ़ी डिमांड, रोजगार को मिला बढ़ावा

Bagaha News: बगहा में तेज धूप और उमस के कारण मिट्टी के घड़ों की मांग बढ़ गई है. लोग फ्रिज छोड़कर 'देहाती फ्रिज' यानी मिट्टी की सुराही का पानी पीना पसंद कर रहे हैं, जिससे कुम्हारों के रोजगार और आमदनी में बड़ा उछाल आया है. जानिए खबर विस्तार से…

Bagaha News: मौसम के बदलते मिजाज और तीखी धूप के साथ बढ़ रही उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है. चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए अब लोग पारंपरिक संसाधनों की ओर रुख कर रहे हैं. यही कारण है कि इन दिनों बाजारों में मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग में भारी इजाफा देखा जा रहा है. कम खर्च में ठंडा और शुद्ध पानी उपलब्ध कराने वाले इन बर्तनों को लोग ‘देहाती फ्रिज’ के रूप में अपनी पहली पसंद बना रहे हैं.

कुम्हारों के खिले चेहरे, बढ़ी आमदनी

गर्मी के तेवर कड़े होते ही कुम्हार समुदाय के व्यस्त दिन शुरू हो गए हैं. अपनी पारंपरिक हस्तकला के जरिए मिट्टी के बर्तन तैयार करने वाले कुम्हारों की आमदनी में इस सीजन काफी सुधार हुआ है. कुम्हारों का कहना है कि इस बार गर्मी समय से पहले और तेज पड़ने के कारण घड़े और सुराही की बिक्री पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक हो रही है. गांवों के साथ-साथ शहरों से भी लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं.

स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और बिजली की बचत

बाजार में इन दिनों छोटे से लेकर बड़े आकार तक के घड़े और सुराही 300 रुपये से लेकर 600 रुपये तक में उपलब्ध हैं. लोग फ्रिज के कृत्रिम ठंडे पानी के बजाय मिट्टी के पात्रों का पानी अधिक पसंद कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि घड़े का पानी न केवल प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. इसके अलावा, इससे बिजली की भी भारी बचत होती है. यही वजह है कि भीषण गर्मी के इस दौर में मिट्टी की सुराही की लोकप्रियता हर दिन बढ़ती जा रही है.

बगहा से चंद्र प्रकाश आर्य की रिपोर्ट

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By Purushottam Kumar

Purushottam Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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