बगहा. कमल जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा आयोजित “महिला संवाद” कार्यक्रम में मधुबनी प्रखंड की सैकड़ों महिलाएं एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की. महिलाओं ने एक स्वर में अपने क्षेत्र में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की मांग की. ताकि वे उन्नत कृषि तकनीकों से लैस होकर न केवल अपनी उपज और आमदनी बढ़ा सकें बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी ठोस कदम उठा सकें. मधुबनी प्रखंड जो उत्तर प्रदेश सीमा से सटा हुआ है और जिला मुख्यालय से काफी दूर स्थित है. अपनी उपजाऊ भूमि के बावजूद कृषि में पिछड़ा हुआ माना जाता है. इस क्षेत्र की महिलाएं लंबे समय से खेती में जुटी हैं. लेकिन तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण के अभाव में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उनके प्रखंड में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना हो, तो उन्हें प्रशिक्षण, बीज, उर्वरक और जैविक खेती की जानकारी सहजता से मिल सकेगी. महिलाओं ने मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो पोषण और बाजार दोनों दृष्टि से लाभकारी है. उन्नत कृषि उपकरण, आधुनिक सिचाई पद्धति और बाजार से जुड़ाव की जानकारी से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं. कमल जीविका महिला ग्राम संगठन ने कहा कि हमारा उद्देश्य है की महिलाएं केवल श्रमिक न बनें, बल्कि कृषि में नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएं. कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से यह सपना साकार हो सकता है. मधुबनी प्रखंड के प्रखंड परियोजना प्रबंधक नितेश कुमार ने बताया कि महिलाओं का यह संवाद कार्यक्रम का आयोजन दौनहा और देवीपुर में किया गया. उन्होंने बताया कि एक सशक्त जन-आवाज बन कर उभरा है, जो सरकार और संबंधित विभागों से अपेक्षा करता है कि वे इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाए. यह पहल न केवल क्षेत्रीय कृषि विकास को गति देगी बल्कि महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगी.
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