जिले के 2.79 लाख किसानों के खाते में पहुंची 19 वीं किश्त की राशि

भागलपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित किसान सम्मान निधि के तहत 19 वीं किश्त जारी होने पर यहां भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

नरकटियागंज. भागलपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित किसान सम्मान निधि के तहत 19 वीं किश्त जारी होने पर यहां भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. नरकटियागंज कृषि विज्ञान केन्द्र में केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे, वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार, बगहा विधायक राम सिंह, रामनगर भागीरथी देवी, नरकटियागंज रश्मि वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री दुबे ने कहा कि जो किसानों की बात करेगा वो ही भारत पर राज करेगा. प्रधानमंत्री ने देश भर की महिलाओं को सशक्त किया है. यह पहला मौका है जब देश की 2.41 करोड़ महिलाओं को एक साथ किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा. आज बताते हुए ये गर्व हो रहा है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए कृषि बजट 21,933.50 करोड़ रुपए था जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5.59 गुना बढ़कर एक करोड़ 27 लाख 290 करोड़ रुपए हो गया है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे और सीमांत किसानों का जीवन बदल दिया है. यह योजना महिला किसानों को सशक्त बनाने में भी काफी प्रभावी रही है. आज 9.76 करोड़ किसानो को 22 हजार से अधिक की धनराशि वितरित की जाएगी. वहीं वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्य मंत्री नीतीश कुमार एक देश और राज्य को विकास की मुख्य धारा से जोड़ रहे हैं. हम और बड़े भाई सतीश चन्द्र मिल कर किसानों का और चंपारण का विकास करेंगे. सांसद ने कहा कि सरकार किसानों की बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही हैं, जिनमें आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप इरिगेशन, जैविक खेती और स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कम लागत में अधिक उपज प्राप्त हो सके. “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना” के तहत किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे खाद, बीज और अन्य संसाधन आसानी से प्राप्त कर सकें. सिंचाई और जल संरक्षण के लिए “हर खेत को पानी “, “कुंआ-तालाब योजना ” और “जल-जीवन-हरियाली अभियान ” जैसी पहल की गई हैं. “फसल बीमा योजना ” प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे किसानों को नुकसान की भरपाई मिल सके. इसके अलावा, बिहार सरकार भी जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण और अनुदानित बीज एवं खाद उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सशक्त बना रही है. लेकिन केवल सरकारी योजनाएं ही काफी नहीं होतीं, हमें स्वयं भी आगे बढ़कर जैविक खेती, आधुनिक तकनीकों और वैकल्पिक फसलों को अपनाना होगा. इससे पहले अतिथियों का स्वागत बुके व प्रतीक चिन्ह देकर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक डा. आरपी सिंह ने किया. कार्यक्रम को कृषि अनुसंधान के मंयक शर्मा, संचालन डा. भूषण सिंह ने किया. मौके पर बेतिया जिलाध्यक्ष रूपक श्रीवास्तव, बगहा अचिंत्य लाला, रेणु देवी, अर्जुन सोनी, राजन मिश्र, गोविंद गुप्ता, जदयू के प्रकाश गुप्ता, लालबाबु कुशवाहा आदि मौजूद रहे.

किसान विनय पांडेय समेत चंपारण के किसानों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में क्षेत्र के जागरूक एवं प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया. किसानी के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए बड़निहार के किसान विनय पाण्डेय को मंत्री, सांसद व विधायकों ने प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया. किसान विनय पांडेय ने बताया कि वे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक मशीन का निर्माण कर कम लागत में बेहतर खेती किसानी के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं. सम्मानित होने वालों में आनंद सिंह, सचिन सिंह, निर्मला देवी, अभिषेक कुमार, गंगाधर प्रसाद, सुमन देवी, दिपेन्द्र कुमार दुबे, माधवेन्द्र पाण्डेय, जीत कुमारी देवी, सुभम, नीरज, बच्चा सिंह, विजय गिरी, चिन्ता देवी, सत्येन्द्र कुमार दुबे, रवीन्द्र ओझा, प्रहलाद महतो, विजय जी, सुरेन्द्र प्रसाद यादव, अनील जायसवाल, जितेन्द्र नारायण मिश्र आदि शामिल रहे.

पश्चिम चंपारण जिले के कुल 6359 किसानों को नहीं मिली किसान सम्मान की राशि

बेतिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राज्य के भागलपुर से किसान सम्मान निधि की 19 वीं किश्त की राशि जारी की है. इस जिले के 279944 किसानों के खाते में 60.24 करोड़ की राशि भेजी गई है. जबकि पश्चिम चंपारण जिले के कुल 6359 किसानों को यह राशि नहीं मिली है. ऐसे किसानों के द्वारा ई केवाईसी नहीं कराया गया था. जबकि कई किसानों के खाते आधार लिंक्ड नहीं थे. जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार राय ने बताया कि इसमें 400 किसानों ने अपना ईकेवाईसी नहीं करा पाए थे. जबकि 5959 किसानों के खाते आधार लिंक्ड नहीं पाए गए. ऐसे में इन किसानों के खाते में भारत सरकार से ऑनलाइन राशि नहीं भेजी गई. ई केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों की सर्वाधिक संख्या चनपटिया प्रखंड में रही. यहां 83 किसानों ने ईकेवाईसी नहीं करा पाए हैं. जबकि सबसे कम संख्या बैरिया एवं रामनगर प्रखंडों में रही. इन दोनों प्रखंडों में केवल एक-एक किसानों ने ईकेवाईसी नहीं करा पाए हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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