बीहट. राज्य को प्रदूषण मुक्त रखने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सिमरिया घाट में करीब 9 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक शवदाह गृह का निर्माण कराया गया है.शवदाह गृह में विद्युत एवं पारंपरिक दोनों प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके तहत दो विद्युत से और चार बेड लकड़ी से संचालित शवदाह गृह का निर्माण कराया गया है. धुएं के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए चिमनी स्टैक लगाए गए हैं, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े.इसका विधिवत उद्घाटन गुरूवार को बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह द्वारा किया गया. इस मौके पर उन्होंने कहा ये नई सुविधाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि लोगों को बेहतर, सुरक्षित और स्वच्छ सेवा भी प्रदान करेंगी. उन्होंने कहा सुव्यवस्थित, स्वच्छ व सुचारू रूप से शवदाह गृह का संचालन होने से शव यात्रियों को कठिन समय में सुविधा मिलेगी. मौसम की मार से भी लोग बच सकेंगे. इसके साथ ही गंगा नदी के साथ-साथ वायु के प्रदूषण का भी ग्राफ घटेगा. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा शवदाह के लिए विद्युत शवदाहगृह को प्राथमिकता दें. इसके लिए लोगों को जाग्रत करने की जरूरत है. इसके पूर्व डीएम श्रीकांत शास्त्री ने केंद्रीय मंत्री का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया. मौके पर एडीएम ब्रजकिशोर चौधरी,बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार, बीहट नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अवनीश कुमार, उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, बुडको प्रोजेक्ट डायरेक्टर भोलानाथ याग्निक, डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर विवेक कुमार आदि मौजूद थे.
सिमरिया गंगा तट के पूर्वी छोर पर बना है नवनिर्मित शवदाह गृह
सिमरिया गंगा तट के श्मशान घाट पर अब खुले में शव का दाह संस्कार नहीं होगा.शव के दाह संस्कार के लिए सिमरिया गंगा तट के पूर्वी छोर पर मुख्यमंत्री सात निश्चय-दो योजना से नगर विकास प्रमंडल के फंड से लगभग 9 करोड़ से अधिक की लागत से एक एकड़ जमीन में शवदाह गृह का निर्माण किया गया है.वर्ष 2023 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था.बेहतर कनेक्टिविटी के साथ इस शवदाह गृह में विद्युत से शव जलाने वाला दो शेड जबकि लकड़ी से शव जलाने वाला चार शेड बनाया गया है.शवदाह गृह में शव जलने से एक तरफ गंगा नदी में तो फैलने वाले प्रदूषणों में कमी आएगी वहीं दूसरी ओर इससे वायु प्रदूषण भी कम होगा.
