उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिले में 100 फर्जी शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा

उच्च न्यायालय के सख्त आदेश के बाद बेगूसराय जिले में फर्जी शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई शुरू होने जा रही है.

बेगूसराय. उच्च न्यायालय के सख्त आदेश के बाद बेगूसराय जिले में फर्जी शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई शुरू होने जा रही है. शिक्षा विभाग ने ऐसे 100 से अधिक शिक्षकों को चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जो फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे थे. बताते चलें कि कई ऐसे भी शिक्षक हैं जिन पर निगरानी के द्वारा कार्रवाई की गई और बल पर आने के बाद विभाग के लिपिक से मिली भगत कर वेतन लेना भी शुरू कर दिया. जिसमें स्थापना विभाग की संलिप्तता भी संदेह के घेरे में है. सर्वाधिक तेघड़ा प्रखंड में 40 फर्जी शिक्षक हैं, तो वही चेरियाबरियारपुर में 20 फर्जी शिक्षक हैं.

उच्च न्यायालय का आदेश बना आधार

हाल ही में उच्च न्यायालय ने फर्जी शिक्षकों के मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को ऐसे सभी शिक्षकों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इसी आदेश के आलोक में बेगूसराय जिला शिक्षा विभाग ने जांच तेज कर दी है.

ऐसे पकड़ में आये फर्जी शिक्षक

जब निगरानी विभाग के द्वारा शिक्षकों की दस्तावेज की जांच की गई तो चौंकाने वाले कई मामले सामने आए जिसमें कई नियोजन इकाई ने फर्जी शिक्षकों के दस्तावेज ही बदल दिए थे तो वही कई के मेधा सूची भी गायब कर दी गई थी.

दस्तावेज सत्यापन में फर्जीवाड़ा

दस्तावेज सत्यापन के दौरान कई शिक्षकों के शैक्षणिक और नियोजन प्रमाणपत्र जांच में फर्जी मिले थे.

यह के नियोजन इकाई से लेकर शिक्षा विभाग के तत्कालीन डीपीओ स्थापना और तत्कालीन लिपिक की मिलीभगत से या खेल खेली गई. एक ही टीइटी प्रमाण पत्र पर दो-तीन शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत थे.

कार्रवाई पर टिकी है सबकी नजर

शिक्षक और शिक्षा विभाग के बीच आंख में चोली का खेल चलता रहा तू डाल-डाल तो मैं पात पात वाली कहावत भी चरितार्थ होता रहा है. सूत्रों की माने तो कुछ ऐसे भी शिक्षक हैं जो बीपीएससी के द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होकर विभाग से दस्तावेज सही करवा कर शिक्षक बन गए हैं तो वहीं नियोजन इकाई से बाहर शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने आदेश दिया था कि जो भी विशिष्ट शिक्षक के रूप में बाल होना चाहते हैं तो वह शिक्षा विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लगाकर परीक्षा में शामिल हो गए. जिसका लाभ लेकर कुछ शिक्षक विशिष्ट शिक्षा भी बन चुके हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि इन सभी शिक्षकों को चिन्हित कर कार्यवाही की जाती है या फिर छोड़ दी जाती है.

कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी

इस संदर्भ में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर ऐसे सभी शिक्षकों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

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By MANISH KUMAR

MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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