बाढ़ ने बिगाड़ी सूरत, चेचियाही की सड़क नहीं बची चलने लायक

विगत दिनों गंगा नदी से आई बाढ़ के बाद चेचियाही ढाब की सड़क की सूरत ही बदल दी. बाढ़ के पानी में सड़के इतनी खास्ता हाल हो गयी है कि उस पर वाहनों का गुजरना खतरे से खाली नहीं है.

बलिया. विगत दिनों गंगा नदी से आई बाढ़ के बाद चेचियाही ढाब की सड़क की सूरत ही बदल दी. बाढ़ के पानी में सड़के इतनी खास्ता हाल हो गयी है कि उस पर वाहनों का गुजरना खतरे से खाली नहीं है. बाढ़ के पानी में सड़क की उपरी परत तो बह ही गयी साथ ही कई स्थानों पर बडे़-बडे़ गड्ढे हो जाने से वाहनों के चलना दुश्वार हो रहा है. बताया जाता है कि पहले से ही जर्रर लखमिनियां-मसुदनपुर सड़क के चेचियाही ढाब में तो सड़क काफी जर्जर थी ही हाल ही में आयी बाढ़ ने तो सड़क को चलने लायक ही नहीं छोडा़ जिससे क्षेत्र के लोगों को भाडी़ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बताते चलें कि दियारा क्षेत्र के मीरअलीपुर, मसुदनपुर, साहपुर, शिवनगर, भवानंदपुर सहित कई गांवों का चेचियाही ढाब की सड़क आवागमन के लिए मुख्य मार्ग है. जिसकी जर्ररता के कारण इन गांवों के हजारों की आवादी के लिये आवागमन किसी परेशानी से कम नहीं है. दियारा वासी विजय सिंह, गुंजन सिंह, रंजन चौधरी, सुबोध चौधरी, डब्लू सिंह, बबलू महतो, निलेश महतो, विजो राय, राजो यादव, अमित कुमार आदि ने बताया कि जुलाई माह में आई बाढ़ में ही सड़क की स्थिति दैनीय बना दी है. अभी अगस्त माह की बाढ़ बांकी ही है. अगर पुनः बाढ़ का पानी इस सड़क पर फैलती है तो सड़क पैदल चलने लायक भी नहीं बचेगी. लोगों ने स्थानीय प्रशासन से पहल करने की अपील करते हुये समय रहते चेचियाही ढाब की सड़क को दुरूस्त करने की मांग की है. चेचियाही ढाब की सड़क के टूटे रहने से बाढ़ का पानी सड़क पर से हटने के बाद विगत चार- पांच दिनों में कई ई रिक्सा पलट गयी. हालांकि इसमें किसी के जान माल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन सड़क की स्थिति यही रही तो जान माल का नुकसान होने से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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By MANISH KUMAR

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