बरौनी. बरौनी रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन वैशाली समाज कल्याण संस्थान, बेगूसराय के संयुक्त टीम के द्वारा बाल तस्करी मानव तस्करी के विरुद्ध चलाये गये विशेष अभियान बाल सुरक्षा सप्ताह के दौरान ट्रेन एवं प्लेटफॉर्म पर बचाव अभियान के क्रम में सीसीटीवी कैमरा के निगरानी के आधार पर प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध स्थिति में भटकते हुए 06 बच्चों को टीम के द्वारा संरक्षण में लिया गया. बच्चे से गहन पूछताछ के दौरान चार बच्चों ने बरौनी-भगवानपुर, समस्तीपुर के आसपास के गांव के होने की जानकारी को साझा किया तो एक बच्चे ने अपना घर झारखंड बताया. सभी बच्चों को समिति के आदेशानुसार बाल ग्राम में आवासित किया गया. रविवार को विगत तीन साल से अपने परिजन से बिछड़ा बच्चा चंदन कुमार जो लुधियाना पंजाब से ट्रेन के माध्यम से बरौनी जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक दो के पूर्वी छोड़ पर भटकते हुए पाये गये. टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बालक को अपने संरक्षण में लिया गया. बच्चों से पूछताछ के दौरान बालक बिहारीगंज जिला मधेपुरा के निवासी होने की जानकारी दी. बताये गये पते के आधार पर टीम बिहारीगंज थाने के माध्यम से परिजन तक संपर्क स्थापित किया. बच्चों को बाल कल्याण समिति बेगूसराय के निदेशानुसार परिजन को सकुशल सौंपा गया. यह अभियान बरौनी आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक लोकेश साव के निर्देशानुसार चलाया गया. बचाव टीम में उप निरीक्षक दीपक कुमार दुबे, सत्येंद्र कुमार, आरक्षी राजेश रौशन, महिला आरक्षी लाली बाई मीणा एवं संस्थान के प्रतिनिधि राजमणि रंजन, सिद्धांत कुमार उपस्थित थे.
बरौनी आरपीएफ पुलिस ने छह बच्चों का किया रेस्क्यू, परिजन को सौंपा
बच्चे से गहन पूछताछ के दौरान चार बच्चों ने बरौनी-भगवानपुर, समस्तीपुर के आसपास के गांव के होने की जानकारी को साझा किया तो एक बच्चे ने अपना घर झारखंड बताया.
