मंझौल/चेरियाबरियारपुर : भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक बूथ पर एक बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) की प्रतिनियुक्ति की गयी है.जो अपने बूथ स्तर के मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने, नाम पते में सुधार अथवा मृत्यु के बाद मृत मतदाता का सूची से नाम हटाने सहित अन्य मतदाता से संबंधित कार्य का निबटारा करते हैं. जानकारी के अनुसार उक्त कार्य के बदले बीएलओ को सालाना पांच हजार रुपये भुगतान किया जाता है.जानकारी के अनुसार उक्त कार्य में प्रतिनियुक्त सभी बीएलओ शिक्षक हैं.
बीएलओ को घोषित राशि देने में की जा रही है आनाकानी
मंझौल/चेरियाबरियारपुर : भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक बूथ पर एक बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) की प्रतिनियुक्ति की गयी है.जो अपने बूथ स्तर के मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने, नाम पते में सुधार अथवा मृत्यु के बाद मृत मतदाता का सूची से नाम हटाने सहित अन्य मतदाता से संबंधित कार्य का निबटारा करते हैं. […]

तथा अपने विद्यालय में शैक्षिक कार्यक्रम के बाद निर्वाचन के कार्य को ससमय पुरा करते हैं. बावजूद इसके विभाग द्वारा घोषित राशि एवं क्षतिपूर्ति अवकाश देने में स्थानीय अधिकारियों के द्वारा आनाकानी की जा रही है. फलत: निर्वाचन के कार्य में लगे बीएलओ में असंतोष के स्वर फूटने लगे हैं. बताया जाता है चेरियाबरियारपुर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बूथ संख्या- 131 से 227 तक कुल 97 बूथों पर प्रतिनियुक्त बीएलओ शिक्षक ही हैं.
चुनाव ड्यूटी में तैनात सहायक बीएलओ को नहीं मिली है घोषित राशि
निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव 2019 में प्रत्येक बूथ पर एक सहायक बीएलओ की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. ताकि मतदाताओं के मतदाता पर्ची में किसी प्रकार की त्रुटि का तुरंत निबटारा किया जा सके.
उक्त कार्य के लिए विभिन्न प्रखंडों में सहायक बीएलओ को पांच सौ रुपये भुगतान किया गया.परंतु चेरियाबरियारपुर प्रखंड के विभिन्न बूथों पर प्रतिनियुक्ति सहायक बीएलओ को अब तक उक्त राशि का भुगतान नहीं किया गया है.
जबकि हाल ही में बीएलओ के द्वारा मतदाता सत्यापन का कार्य मोबाइल के माध्यम से आनलाइन कराया गया. उक्त कार्य का निबटारा करने में बीएलओ दुर्गापूजा, दीपावली एवं छठ महापर्व की छुट्टियों को भी गंवा दिये. हालांकि मतदाता पर्ची वितरण एवं मतदाता सत्यापन कार्य के दौरान क्षतिपूर्ति अवकाश मिलने की बात चल रही थी.
परंतु साल बीतने पर है. बावजूद इसके अधिकारियों के द्वारा बीएलओ को अब तक क्षतिपूर्ति अवकाश देने पर विमर्श नहीं हो पाया है. जिससे बीएलओ की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है. जबकि अन्य प्रखंडों में क्षतिपूर्ति अवकाश का बहुत पहले निर्गत हो चुका है. वहीं बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष डॉ मोहन कुमार ने स्थानीय निर्वाची पदाधिकारी से बीएलओ की समस्या समाधान के दिशा में सार्थक पहल करने की मांग की है.