बेगूसराय : 230 करोड़ रुपये की लागत से शहर में बनेगा सीवरेज प्लांट

बेगूसराय : राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत जल संसाधन,नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जिले में खातोपुर डुमरी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का छपरा से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट से शिलान्यास किया. इसके बाद स्थल पर शिलान्यास नगर निगम महापौर उपेंद्र प्रसाद सिंह के द्वारा किया […]

बेगूसराय : राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत जल संसाधन,नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जिले में खातोपुर डुमरी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का छपरा से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट से शिलान्यास किया.
इसके बाद स्थल पर शिलान्यास नगर निगम महापौर उपेंद्र प्रसाद सिंह के द्वारा किया गया. जिले में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 17 एमएलडी एवं 98 किमी सीवरेज नेटवर्क प्लांट का निर्माण 230.06 करोड़ की लागत से बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड बुडको द्वारा किया जायेगा. इस अवसर पर महापौर उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि एसटीपी की उपयोगिता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है.
हमारे घरों और से निकलने वाले गंदा पानी कहां जाता है. यह पानी हमारे घरों से बहकर किसी नदी -तालाब में पहुंचता है और उनको दूषित कर देता है. इसको रोकने और दूषित जल को पुन: प्रयोग में लाने के लिए ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बेगूसराय शहर में होना अतिआवश्यक था. इस कदम के लिये हम सब केंद्र सरकार व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आभारी हैं.
उन्होंने कहा कि सीवरेज प्लांट बेगूसराय शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में सहायक बनेगा.इस अवसर पर नगर आयुक्त मो अब्दुल हमीद, उपमहापौर राजीव रंजन, पार्षद रामविलास सिंह, परमानंद सिंह, उदय सिंह, मुनीलाल शर्मा, बुडको कार्यपालक पदाधिकारी मदन मोहन प्रसाद, सहायक अभियंता मो जाहिद, जेइ रणधीर कुमार, रवि कुमार, राजीव कुमार, पार्षद गौतम राम, बबीता देवी, पूनम देवी, मंजू गुप्ता, प्रेम गुप्ता, समाजसेवी शंभु महतो आदि मौजूद थे.
जलजमाव की समस्या से भी मिलेगी मुक्ति : शहर में जलजमाव एक बड़ी समस्या है. वर्षों से लोग इस समस्या को झेलने के लिये मजबूर थे. सीवरेज योजना के धरातल पर उतरने के बाद शहर को जलजमाव की समस्या से भी मुक्ति मिल जायेगी.
विभिन्न मोहल्ले, गलियों व सड़कों पर बिछेगा भूमिगत पाइप का जाल : उन पाइपों के जरिये घरों के गंदे जल-मल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जायेगा. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी और घर में प्रयोग किये गये जल के दूषणकारी अवयवों को विशेष विधि से साफ किया जायेगा. इसको साफ करने के लिए भौतिक, रासायनिक और जैविक विधि का प्रयोग किया जाता है. इसके माध्यम से दूषित पानी को दोबारा प्रयोग में लाने लायक बनाया जाता है.
और इससे निकलने वाली गंदगी का इस प्रकार शोधन किया जाता है कि उसका उपयोग पुन: खेती के पानी अथवा जैविक खाद के रूप में किया जा सके.
शहर होगा स्वच्छ व सुंदर
वर्तमान में शहर में गंदे जल निकासी को लेकर जो नाले तैयार होते हैं. अक्सर नाला जाम हो जाने की स्थिति में सड़कों व गलियों पर गंदा पानी बहता रहता है. बार-बार ढक्कन का टूटना फिर उसे बार- बार बनाने से आर्थिक नुकसान भी निगम को उठानी पड़ती है. साथ ही शहर का सुंदर रखरखाव में भी कठिन हो जाता है.
वर्ष 2005 -2011 में भी बनी थी सीवरेज योजना
जिसका कार्य बुडको के द्वारा एक चीनी कंपनी से कार्य कराये जा रहे थे. जो विभिन्न कारणों से धरातल पर नहीं उतर सकी. कंपनी डिफॉल्टर हो गयी थी. उस समय भी शहर के कुछ मोहल्लों में भूमिगत पाइप बिछाने का कार्य किया गया था. साथ ही आंशिक कार्य सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थल पर भी किया गया था. उस समय बनी सीवरेज योजना वृहत्तर नहीं थी.
लगभग 65 करोड़ की योजना थी. पुन: उसी स्थल पर शिलान्यास से एक बार फिर शहर वासियों को आशा जगी है कि दो वर्षों में योजना धरातल पर उतार ली जायेगी. जिससे उनके विभिन्न समस्याओं का सामाधान भी हो सके. साथ ही शहर की पहचान एक स्मार्ट सिटी में दर्ज हो सके. लोगों में सीवरेज प्लांट के शिलान्यास से काफी हर्ष है.

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