कटोरिया में युवक को सांप ने डसा, जड़ी-बुटी के भरोसे गंवा दिया समय, हालत बिगड़ी तो पहुंचाया अस्पताल
Banka News : उमस भरी गर्मी के साथ ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. बांका के एक गांव में रात के समय कमरे में सोने पहुंचे युवक को विषैले सांप ने डंस लिया. इलाज में देरी होने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई और चिकित्सकों को उसे रेफर करना पड़ा.
Banka News : कटोरिया प्रखंड के हड़हार पंचायत अंतर्गत बेरधनियां गांव में विषैले सांप के डंसने से 18 वर्षीय युवक गंभीर हो गया. परिजनों ने पहले गांव में झाड़-फूंक और जड़ी-बूटी के सहारे इलाज कराने का प्रयास किया, जिससे अस्पताल पहुंचने में कई घंटे की देरी हो गई. बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद युवक को गंभीर स्थिति में देवघर रेफर कर दिया गया.
छत से कमरे में आते ही हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बेरधनियां गांव निवासी घनश्याम यादव का परिवार गर्मी के कारण घर की छत पर सो रहा था. रात करीब दो बजे उनका पुत्र कुंदन कुमार पंखे के नीचे सोने के लिए कमरे में आया. इसी दौरान कमरे में मौजूद विषैले सांप ने उसके पैर में डंस लिया.
जड़ी-बूटी के भरोसे गंवाया बहुमूल्य समय
सर्पदंश के बाद परिजन युवक को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही जड़ी-बूटी और पारंपरिक उपचार के जरिए ठीक करने का प्रयास करते रहे. इस कारण करीब पांच घंटे से अधिक समय बीत गया. जब युवक की तबीयत बिगड़ने लगी तो उसे अस्पताल पहुंचाया गया.
अस्पताल पहुंचने तक बिगड़ चुकी थी हालत
सुबह करीब सात बजे युवक को कटोरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. तब तक उसकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई.
मेडिकल टीम ने किया प्राथमिक उपचार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और डॉ. शैलजानंद शुक्ला के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने युवक का प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल देवघर रेफर कर दिया.
सर्पदंश में देरी बन सकती है जानलेवा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है. समय पर अस्पताल पहुंचने और एंटी-स्नेक वेनम मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है. वहीं झाड़-फूंक, जड़ी-बूटी और घरेलू उपचार के भरोसे रहने से मरीज की हालत और बिगड़ सकती है.
गर्मी और उमस में बढ़ रही हैं सर्पदंश की घटनाएं
क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस के कारण सांप, बिच्छू तथा अन्य विषैले जीव-जंतु अपने बिलों से निकलकर घरों और आसपास के इलाकों में पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है.
जागरूकता ही बचा सकती है जान
चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए. सही समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं.