बौसी (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट :
बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत धोबनी बाबुडीह लैया टोला में लाखों रुपये खर्च कर बनायी गयी जलापूर्ति योजना पिछले करीब एक महीने से पूरी तरह बंद पड़ी है. भीषण गर्मी में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और दूर-दराज के चापाकलों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और खराब रखरखाव के कारण सरकारी योजना अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है.पानी टंकी बनी बेकार, गांव में मचा हाहाकार
गांव में ऊंची पानी टंकी और पाइपलाइन व्यवस्था होने के बावजूद लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. सुबह होते ही पानी भरने के लिए चापाकलों पर लंबी कतार लग जाती है. सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है.स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में पीने के पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. रोजमर्रा के कामों के लिए भी लोगों को काफी दूरी तय करनी पड़ रही है.
खराब मोटर और लापरवाही से ठप हुई योजना
ग्रामीणों के अनुसार योजना के संचालन में भारी लापरवाही बरती गई है. मोटर खराब होने, पानी टंकी में पानी नहीं ठहर पाने और नियमित देखरेख नहीं होने की वजह से पूरी व्यवस्था ठप हो गई है.
लोगों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.पंप संचालक को दो साल से नहीं मिला मानदेय
मामले में नया मोड़ तब आया जब यहां कार्यरत पंप संचालक ने भी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए. संचालक का कहना है कि करीब दो वर्षों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. इस संबंध में दर्जनों आवेदन दिए गए, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई.उन्होंने आरोप लगाया कि मानदेय की राशि का बंदरबांट किया जा रहा है. इस वजह से योजना के संचालन पर भी असर पड़ा है.
विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
मामले पर पूछे जाने पर पीएचईडी विभाग के अधिकारी ऋषिकेश ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जायेगी और जल्द जलापूर्ति योजना को दोबारा चालू कराया जायेगा.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खराब उपकरणों की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि गर्मी में लोगों को राहत मिल सके.