जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी फरियाद, तो ग्रामीणों ने चंदा और श्रमदान से शुरू किया सड़क निर्माण
Village Road Construction : धोरैया प्रखंड के हरिरामपुर वार्ड नंबर-1 में वर्षों से बदहाल कच्ची सड़क से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही समाधान निकाल लिया. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष कई बार गुहार लगाने के बावजूद जब कोई पहल नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने आपसी चंदा जुटाकर और श्रमदान कर सड़क में मिट्टी भराई का कार्य शुरू कर दिया. यह पहल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.
धोरैया ( बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
Banka News : धोरैया प्रखंड अंतर्गत सिज्झत बलियास पंचायत के हरिरामपुर वार्ड नंबर-1 स्थित नया टोला में ग्रामीणों ने प्रशासनिक उदासीनता के बीच एक मिसाल पेश की है. लंबे समय से जर्जर और कच्ची सड़क के कारण आवागमन में हो रही परेशानी से तंग आकर ग्रामीणों ने किसी सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे बढ़कर सड़क सुधार का बीड़ा उठाया. आपसी सहयोग, चंदा और श्रमदान के माध्यम से सड़क में मिट्टी भराई का कार्य शुरू कर दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सैकड़ों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है, लेकिन वर्षों से इसकी अनदेखी की जाती रही.
ग्रामीणों ने खुद शुरू किया सड़क सुधार अभियान
धोरैया (बांका). प्रखंड के सिज्झत बलियास पंचायत अंतर्गत हरिरामपुर वार्ड नंबर-1 नया टोला से गुजरने वाली कच्ची सड़क में ग्रामीणों द्वारा आपसी चंदा और श्रमदान के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को लंबे समय से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था.
सैकड़ों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है सड़क
सामाजिक कार्यकर्ता राधाचरण पासवान ने बताया कि इस कार्य में उन्होंने भी आर्थिक सहयोग दिया है. उन्होंने कहा कि यह सड़क गांव के सैकड़ों लोगों के आने-जाने का प्रमुख मार्ग है. सड़क खराब होने के कारण खासकर बारिश के दिनों में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है.
कई बार लगाई गुहार, नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन किसी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई. लगातार उपेक्षा के कारण लोगों ने स्वयं ही सड़क को उपयोगी बनाने का निर्णय लिया.
सरकार से जांच और पक्की सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मामले की जांच कर सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाता है, तो क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी और गांव का विकास भी तेज होगा.
ग्रामीणों की पहल बनी मिसाल
हरिरामपुर के ग्रामीणों की यह पहल दिखाती है कि सामूहिक प्रयास से समस्याओं का समाधान संभव है. हालांकि ग्रामीणों का मानना है कि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, इसलिए इस सड़क का स्थायी निर्माण जल्द कराया जाना चाहिए.