मोहमाया के जंजाल से कुटिया में जीवन कई गुना सुंदर होता: ओम प्रकाश जी महाराज

Published by : VINOD RAO Updated At : 09 Jun 2026 5:13 PM

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श्रीराम ने अयोध्या के ऐश्वर्य पूर्ण जीवन को त्यागकर वन में वास किया वो भी एक कुटिया में. आगे उन्होंने बताया कि भगवान के अपराधी को तो क्षमा हो सकती है लेकिन साधु संतों के प्रति किये गये दुर्व्यवहार की कभी क्षमा नहीं मिलती है.

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महावीर नगर में बह रही भक्ति की बयार

नौ दिवसीय राम कथा में देर शाम तक डुबकी लगा रहे हैं श्रद्धालुबांका. शहर के अलीगंज स्थित महावीर नगर मोहल्ले में आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री 108 राम कथा महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. बौंसी गुरुधाम से पधारे कथा वाचक आचार्य श्री ओम प्रकाश जी महाराज श्रद्धालुओं को राम कथा का रसपान करा रहे हैं.

राम कथा के माध्यम से दिया आध्यात्मिक संदेश

राम कथा के पांचवें दिन आचार्य श्री ओम प्रकाश जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता सीता के वनवास काल का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि महलों की अपेक्षा कुटिया का जीवन अधिक शांतिपूर्ण और संतोषदायक होता है. उन्होंने कहा कि जीवन की मोहमाया से दूर रहकर सादगीपूर्ण जीवन जीना ही वास्तविक सुख का मार्ग है. भगवान श्रीराम ने भी अयोध्या के ऐश्वर्यपूर्ण जीवन का त्याग कर वन में कुटिया में निवास किया था.

संतों के सम्मान का बताया महत्व

कथावाचक ने कहा कि भगवान के अपराधी को क्षमा मिल सकती है, लेकिन साधु-संतों के प्रति किए गए दुर्व्यवहार की क्षमा कठिन होती है. उन्होंने कहा कि दुनिया जितना हमें अच्छा समझती है, हम उतने अच्छे नहीं होते हैं. इसलिए आत्मचिंतन और सदाचार का पालन आवश्यक है.

भक्ति और मर्यादा का किया वर्णन

सूर्पणखा प्रसंग का उल्लेख करते हुए आचार्य ने कहा कि जहां भक्ति होती है, वहां वासना का स्थान नहीं होता. उन्होंने भक्ति को जीवन का सर्वोच्च मार्ग बताया. साथ ही कहा कि नीति के बिना राज नहीं चलता और धर्म के बिना धन नहीं टिकता.

आचार्य श्री ओम प्रकाश जी महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम मर्यादा, त्याग, करुणा और आदर्श आचरण के प्रतीक हैं. प्रत्येक व्यक्ति को उनके गुणों से प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जहां राम कथा का आयोजन होता है, वहां लोगों के बीच वैमनस्यता दूर होकर अपनत्व, भाईचारा और सहिष्णुता का भाव विकसित होता है.

13 जून को होगा समापन

समिति के सदस्यों ने बताया कि राम कथा महायज्ञ का समापन 13 जून को हवन, पूर्णाहुति, संत सेवा, गौ सेवा, ब्राह्मण भोजन एवं भंडारे के साथ होगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में सत्यदेव प्रसाद, अनिल चौधरी, अतिश चौधरी, राजाराम डोकानिया, रंजीत डोकानिया, संजय मोदी, मनमोहन ठाकुर सहित पूरे मोहल्ले के लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

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