बांका/रजौन. मनुष्य को अगर सत्संग से प्यार हो जाय तो समझ लेना भगवत प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त हो रहा हैं. सत्संग भजन प्रवचन यज्ञ आदि से मनुष्य का मन शांत रहता है इन सारे कार्यों में शरीक होने वाले श्रद्धालु कभी विचलित नहीं हो सकते. उक्त बातें प्रखंड क्षेत्र के श्रीमन्नारायण धाम बनगांव में चल रहे श्री सीताराम विवाह महोत्सव के दौरान मानस माधुरी अखिलेश्वरी देवी ने अपने प्रवचन के दौरान कही. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने अपने लीलाओं के माध्यम से मर्यादा की पाठ पढ़ाई है और इसी मर्यादा के कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा जाता है. आगे कहा कि आदमी अगर यज्ञ में अपनी बुराइयों की आहुति दें ऐसा करने से आपकी बुराई समाप्त हो जाती है. वृंदावन से पधारे स्वामी श्री चिरंजी लाल शर्मा के निर्देशन में रासलीला मंडली ने सोमवार को दिन की लीला में मीरा चरित्र लीला दिखाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया. कार्यक्रम स्थल पर प्रतिदिन सुबह श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पाठ किया जाता है. वहीं श्री रामचरितमानस के सामूहिक पाठ में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. 42वें श्री सीताराम विवाह महोत्सव को लेकर कार्यक्रम स्थल पर झूला, खेल, तमाशा सहित सौंदर्य प्रसाधन खेल खिलौने सहित मिष्ठानों की दुकानें सजी हुई है. कार्यक्रम आगामी 28 फरवरी तक जारी रहेगा .
सत्संग भजन में शामिल होने वाले श्रद्धालु कभी विचलित नहीं हो सकते
मनुष्य को अगर सत्संग से प्यार हो जाय तो समझ लेना भगवत प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त हो रहा हैं. सत्संग भजन प्रवचन यज्ञ आदि से मनुष्य का मन शांत रहता है इन सारे कार्यों में शरीक होने वाले श्रद्धालु कभी विचलित नहीं हो सकते
