शंभुगंज की कुर्मा पंचायत में सजा पोषण मेला, माताओं को मिला स्वस्थ बचपन का मंत्र
Nutrition Fair cum Food Diet Program : कुपोषण मुक्त समाज और स्वस्थ बचपन के लक्ष्य को लेकर शंभुगंज के कुर्मा पंचायत में पोषण मेला सह खाद्य आहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बच्चों के लिए पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया, वहीं माताओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और बेहतर पोषण के महत्व की जानकारी दी गई. पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 स्टार पेरेंट्स को सम्मानित भी किया गया.
शंभुगंज (बांका) से ठाकुर बिनोद का रिपोर्ट
Banka News : बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड अंतर्गत कुर्मा पंचायत के धरमपुर गांव स्थित सामुदायिक भवन परिसर में गुरुवार को टाटा ट्रस्ट एवं नीड्स एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में पोषण मेला सह खाद्य आहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों में सही पोषण, संतुलित भोजन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चों के अभिभावक, जीविका सदस्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं.
स्वस्थ बचपन पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि जीवन के शुरुआती छह वर्ष बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. इस दौरान यदि बच्चों को संतुलित और पौष्टिक भोजन मिले तो कुपोषण जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. उपस्थित माताओं को बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करने और नियमित रूप से पोषणयुक्त आहार देने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
पौष्टिक व्यंजनों का किया गया प्रदर्शन
पोषण मेले में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की पौष्टिक रेसिपी बनाकर प्रदर्शित की गईं. साथ ही इन व्यंजनों को बच्चों को खिलाकर उनके पोषण संबंधी लाभ भी बताए गए. विशेषज्ञों ने माताओं को समझाया कि घर में उपलब्ध सामान्य खाद्य सामग्री से भी पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है. इससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.
माताओं को दी गयी संतुलित आहार की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घर के बने भोजन को बच्चों के अनुकूल बनाने, भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखने तथा स्वच्छता के नियमों का पालन करने के बारे में विस्तार से बताया गया. विशेषज्ञों ने कहा कि पौष्टिक भोजन के साथ स्वच्छता भी बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उतनी ही जरूरी है. हाथ धोने की आदत, साफ पानी और स्वच्छ वातावरण पर भी विशेष जोर दिया गया.
15 स्टार पेरेंट्स बने पोषण चैंपियन
पोषण और बाल देखभाल के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 15 स्टार पेरेंट्स को कार्यक्रम में ‘पोषण चैंपियन’ के रूप में सम्मानित किया गया. सम्मान प्राप्त करने वाले अभिभावकों को अन्य परिवारों के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया. आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक परिवार बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया प्रदीप कुमार सिंह, सीडीपीओ मीना कुमारी, जीविका समूह की सदस्याएं, महिला पर्यवेक्षिकाएं तथा नीड्स एनजीओ के पदाधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान 60 से अधिक महिलाएं, छोटे बच्चों की माताएं, दादी और पिता भी शामिल हुए. सभी ने पोषण संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया.
सामूहिक प्रयास से कुपोषण मुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया. नीड्स के प्रखंड समन्वयक तियाशा रॉय, क्षेत्र समन्वयक चंपा हाउलाडर, रोहित कुमार, लक्खी कुमारी, बब्लू पहाड़िया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कर्मियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आयोजकों ने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयास से ही स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है.