पंजवारा. क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा मानकों और सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर मांस व मछली का कारोबार खुलेआम चल रहा है. बाजार में संचालित अधिकांश दुकानों के पास अनिवार्य व्यापार लाइसेंस तक नहीं है. नियमों के अनुसार, शहरी और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में मांस विक्रय के लिए लाइसेंस लेना आवश्यक है, लेकिन यहां इसका पालन नहीं किया जा रहा है. सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि मांस की दुकानों को पर्दे या कांच से ढककर रखा जाए, ताकि गंदगी बाहर न फैले और आम लोगों को असुविधा न हो. इसके विपरीत पंजवारा बाजार तथा नेशनल हाईवे किनारे खुले में मांस और मछली बेची जा रही है. कई दुकानों में स्वच्छता के न्यूनतम मानकों का भी अभाव दिख रहा है. स्थानीय व्यवसायी महेश मंडल, करू मंडल, मुकेश कुमार व पिंटू कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि काली मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग और बजरंगबली मंदिर के समीप मांस-मुर्गा की दुकानें लगी रहती हैं. शाम होते ही दुकानदार हड्डियां और अन्य अवशेष खुले में छोड़ देते हैं, जिससे आवारा कुत्ते और पक्षी उन्हें उठाकर मंदिर परिसर तक ले जाते हैं. इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं. मंदिर जाने वाली महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि रास्ते में फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण आवागमन में परेशानी होती है. बीच सड़क पर दुकान लगने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन कार्रवाई स्थायी नहीं रही. उधर प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सभी दुकानदारों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. स्थानीय लोगों ने बिना लाइसेंस दुकानों पर सख्त कार्रवाई और अलग निर्धारित स्थान चिन्हित करने की मांग की है.
नियमों को ताक पर रख बिना लाइसेंस खुले में हो रही मांस-मछली की बिक्री
क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा मानकों और सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर मांस व मछली का कारोबार खुलेआम चल रहा है.
