बारिश की बेरुखी से बढ़ी किसानों की चिंता, धान का बिचड़ा डालने में हो रही देरी

Rain Crisis Paddy Farming: पंजवारा क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं. धान का बिचड़ा डालने में देरी हो रही है और खरीफ फसल पर संकट के आसार बढ़ गए हैं.

पंजवारा (बांका) से गौरव कुमार की रिपोर्ट :

Rain Crisis Paddy Farming: समय पर मानसून के प्रवेश के बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में नमी की कमी के कारण धान का बिचड़ा (नर्सरी) तैयार करने का कार्य प्रभावित हो रहा है. कृषि आधारित इस इलाके में धान की खेती मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर है, लेकिन बारिश की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

क्षेत्र के कई गांवों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गई है. नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जबकि कई सरकारी नलकूप लंबे समय से खराब पड़े हैं. ऐसे में किसानों को निजी संसाधनों के सहारे धान का बिचड़ा तैयार करना पड़ रहा है.

भीषण गर्मी से बिचड़ा बचाना बना चुनौती

किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण तैयार किए गए बिचड़े को सुरक्षित रखना भी कठिन हो गया है. पर्याप्त नमी नहीं मिलने से बिचड़े की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.

रोपाई में देरी से उत्पादन पर पड़ सकता है असर

कृषकों के अनुसार यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई का कार्य निर्धारित समय से पीछे हो जाएगा. इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है.

सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग

किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से नहरों में शीघ्र पानी उपलब्ध कराने तथा खराब पड़े सरकारी नलकूपों की मरम्मत कराने की मांग की है. किसानों का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो खरीफ फसल पर संकट गहरा सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shruti Kumari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >