शंभुगंज में मूंग की फसल से किसानों के चेहरे खिले, बंपर उत्पादन की उम्मीद

Moong Crop Farming: शंभुगंज प्रखंड में इस बार मौसम अनुकूल रहने के कारण मूंग की फसल अच्छी स्थिति में है. 662 एकड़ भूमि में हुई खेती से किसानों में बंपर उत्पादन की उम्मीद जगी है और खेतों में फसल कटाई का काम तेजी से चल रहा है.

शंभुगंज (बांका) से ठाकुर बिनोद की रिपोर्ट:

Moong Crop Farming: प्रखंड क्षेत्र में इस बार बड़े पैमाने पर मूंग की खेती की गई है. अनुकूल मौसम के चलते किसान अब फसल समेटने में जुट गए हैं. सुबह और शाम के समय महिलाएं खेतों में मूंग तोड़ती नजर आ रही हैं.

किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह साथ देता रहा तो इस बार मूंग का अच्छा उत्पादन मिलेगा.

किसानों में उत्साह, मेहनत तेज

किसान रामानंद यादव, महेंद्र मंडल, अजय यादव, अमर मिश्रा, दुर्गेश सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि इस बार फसल अच्छी होने की उम्मीद है. किसान रंजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने चार एकड़ में मूंग की खेती की है और परिवार के साथ फसल कटाई का काम चल रहा है.

हालांकि कुछ किसानों ने बताया कि बैशाख महीने की शुरुआती बारिश से नुकसान हुआ था, लेकिन बाद के मौसम ने फसल को संभाल लिया.

उत्पादन को लेकर मिली-जुली स्थिति

कुछ किसानों ने यह भी बताया कि इस बार कई खेतों में दाने की बजाय पत्ते अधिक आए हैं, जिससे उत्पादन पर हल्का असर पड़ सकता है.

कृषि अधिकारी का बयान

इस संबंध में बीएओ संकेत कुमार तिवारी ने बताया कि मूंग की खेती किसानों के लिए लाभकारी है. इससे न केवल किसानों की आय बढ़ती है, बल्कि खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है, जिससे खरीफ फसलों को फायदा मिलता है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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