कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में गर्भवती महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई. विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए कैंप में महिलाओं को जरूरी चिकित्सकीय परामर्श, दवाइयां और पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया गया.कटोरिया से गांवों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया के नेतृत्व में यह अभियान कई ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा. कटोरिया सीएचसी के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमदाहा में भी शिविर लगाया गया. स्वास्थ्य उपकेंद्र जयपुर में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इनारावरण और मोथाबाड़ी में भी कैंप आयोजित हुए. ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिविर का लाभ उठाया. इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने आवश्यक जानकारी और परामर्श भी दिए.जांच काउंटरों पर उमड़ी महिलाओं की भीड़
शिविर में अलग-अलग काउंटर बनाकर स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई थी. महिलाओं का ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर की जांच की गई. हीमोग्लोबिन समेत अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सीय परीक्षण भी किए गए. मेडिकल टीम ने गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य का भी मूल्यांकन किया. जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई. संभावित जोखिम वाली महिलाओं को विशेष निगरानी में रखने की बात कही गई.दवा के साथ मिला पोषण का संदेश
स्वास्थ्य जांच के बाद महिलाओं को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं. डॉक्टरों ने संतुलित आहार और नियमित जांच की अहमियत समझाई. गर्भावस्था के दौरान खानपान संबंधी जरूरी सुझाव भी दिए गए. सभी लाभार्थियों को फल उपलब्ध कराए गए ताकि पोषण स्तर बेहतर हो सके. अंडा देकर प्रोटीन युक्त आहार लेने के लिए भी प्रेरित किया गया. इस पहल को महिलाओं ने काफी उपयोगी और लाभकारी बताया.स्वस्थ मां और शिशु अभियान का मुख्य उद्देश्य
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और हेल्थ मैनेजर अमरेश कुमार ने शिविर की निगरानी की.उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है. समय पर जांच से गर्भावस्था की जटिलताओं का पता लगाया जा सकता है. इससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिम को कम करने में मदद मिलती है. स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. सरकार इसी लक्ष्य के साथ नियमित रूप से यह अभियान चला रही है.
स्वास्थ्यकर्मियों और आशा की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही. डॉ. शैलजानंद शुक्ला, डॉ. रूबी सिंह और डॉ. संजीवनी प्रांजल सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे. एएनएम और स्वास्थ्यकर्मियों ने जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया. आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं को शिविर तक पहुंचाने में सहयोग किया. महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी गई.
स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही.