गोड़ियारी नदी में जलक्रीड़ा कर कांवरिये मिटा रहे अपनी थकान

सुल्तानगंज टू बाबाधाम के बीच बिहार व झारखंड के बॉर्डर स्थित दुम्मा बॉर्डर से मात्र पांच किलोमीटर पहले स्थित है गोड़ियारी नदी.

कांवरिया पथ में फोटोग्राफी का सबसे बड़ा है स्पॉट, नदी में सजती है दुकानें

कटोरिया. सुल्तानगंज टू बाबाधाम के बीच बिहार व झारखंड के बॉर्डर स्थित दुम्मा बॉर्डर से मात्र पांच किलोमीटर पहले स्थित है गोड़ियारी नदी. इस नदी में घंटों जलक्रीड़ा करते हुए कांवर यात्रा से थके कांवरिये ना सिर्फ अपनी थकान मिटाते हैं, बल्कि नदी में ही घुड़सवारी का आनंद लेकर व अलग-अलग स्टाइल में फोटोग्राफी व सेल्फी लेकर भी इस पल को यादगार बनाते हैं. वैसे तो गोड़ियारी नदी को पार करने के लिए पुल भी बने हुए हैं, लेकिन अधिकांश कांवरिये घुटना भर पानी रहने पर बीच नदी से होकर आगे बढ़ते हैं. मुसलाधार बारिश या नदी की तेज धारा रहने पर श्रद्धालु पुल का उपयोग करते हैं. गोड़ियारी नदी के बीच में ही चाय, नाश्ता, चाट, चाउमीन, घुपचुप, मसाल ढोसा व भुट्टे का बाजार भी सजता है. नदी में ही लगे दुकानों की प्लास्टिक कुर्सी पर बैठकर पैर को पानी में डुबाते हुए श्रद्धालु चाय की चुस्की लेते हैं. गोड़ियारी नदी में दर्जनों स्टूडियो के कैमरामैन द्वारा शिवलिंग, घोड़ा, शिव-पार्वती का ड्रेस आदि उपलब्ध कराकर कांवरियों को फोटोग्राफी के लिए आकर्षिक किया जाता था. लेकिन पिछले सप्ताह ही कांवरियों व फोटोग्राफरों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा गोड़ियारी नदी में सभी फोटोग्राफरों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब यहां श्रद्धालु खुद के साथ लाए कैमरे या मोबाइल से फोटोग्राफी व सेल्फी ले रहे हैं. सुल्तानगंज से देवघर के बीच गोड़ियारी नदी फोटोग्राफी के लिए सबसे बडा स्पॉट माना जाता है. जिससे इलाके के लोगों को श्रावणी मेला में यहां से रोजगार के कई अवसर भी प्रदान होते हैं.

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