फुल्लीडुमर. खेसर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेसर पंचायत के बनबर्षा रजक टोला निवासी निकेश रजक के आठ माह के पुत्र निशांत रजक की मौत बुधवार को टीकाकरण के बाद हो गयी. जानकारी के अनुसार, गांव के बनबर्षा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 23 पर एएनएम सुनीता कुमारी टीकाकरण कर रही थी. टीकाकरण को लेकर केंद्र की सहायिका मोनी कुमारी ने पोषक क्षेत्र में सूचना देकर केंद्र पर बुलाया. सूचना पाकर सपना कुमारी भी अपने पुत्र निशांत को टीका दिलाने के लिए केंद्र पर पहुंची. जहां उक्त एएनएम रोटा वायरस समेत अन्य टीका लगा रही थी. इसी दौरान टीका लगाने के कुछ देर बाद निशांत की हालत बिगड़ने लगी. यह देख बच्चे की मां रोने-बिलखने लगी और घटना की जानकारी मिलते ही परिजन व ग्रामीण केंद्र पर पहुंच गये. इसी बीच एएनएम अपने थैले में रखे सभी कागजात केंद्र पर ही छोड़कर फरार हो गयी. साथ ही केंद्र की सहायिका भी अपने घर चली गयी. मामले की सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर से आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची एंबुलेंस से बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया. जहां डॉ अफताब आलम ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बांका रेफर कर दिया. जहां इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गयी. इस घटना के बाद परिजनों के चीख-पुकार से पूरा अस्पताल गमगीन हो गया. परिजन टीकाकरण से बच्चे की मौत होने का आरोप लगा रहे थे. हालांकि चिकित्सक ने बच्चे का पोस्टमॉर्टम भी कराया. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. ग्रामीणों ने बताया कि निशांत इकलौता पुत्र था. इसके पिता दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं. घटना की सूचना उन्हें भी दे दी गयी है.
क्या है मामला
आंगनबाड़ी केंद्र बनबर्षा में टीकाकरण का कार्य चल रहा था. जहां एएनएम बच्चों को टीके लगा रही थी. जिस वैक्सीन वाइल से निशांत को टीका लगाया गया था, उसी से गांव के अन्य आठ बच्चों को भी टीका दिया गया. फुल्लीडुमर अस्पताल के प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि एक ही वैक्सीन से निशांत के अलावा गांव के रिमांश कुमार, नीलम कुमारी, रिशु कुमारी, अभिनंदन कुमार, आशा कुमारी, कुंदन कुमार, ऋष्टी कुमारी को टीका लगाया गया. लेकिन टीकाकरण के बाद सिर्फ निशांत के साथ यह घटना घटी. इसमें परिजनों ने एएनएम पर गलत टीका लगाने का आरोप लगाया है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है. इस बाबत निशांत का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है.
कहते हैं सीएस
टीकाकरण से निशांत की मौत होने की कोई पुष्टि नहीं है. परिजनों के आरोप की जांच के लिए बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराया गया है. मामले की जानकारी मिलने के बाद मैं स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहा था. सदर अस्पताल पहुंचकर अपनी मौजूदगी में बच्चे की इलाज कराया. इसके लिए अस्पताल में दो अतिरिक्त चिकित्सक को भी लगाया गया था. एसएनसीयू को भी अलर्ट पर रखा गया था, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आ पायेगी.
जितेंद्र सिंह, सीएसडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
