धोरैया.
डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय चपरी में स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीडीसी उपेन्द्र सिंह समेत डीआरडीए निदेशक व जिला कल्याण पदाधिकारी उपस्थित रहे. इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने सांस्कृतिक, शैक्षणिक व प्रेरणादायी कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां दी. बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सभी अतिथियों ने सराहना की. कार्यक्रम के दौरान डीडीसी ने प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया, इससे बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ. इसके उपरांत डीडीसी ने विद्यालय में जीविका के माध्यम से संचालित दीदी की रसोई का निरीक्षण किया. इस दौरान बीपीएम शबाना परवीन सहित जीविका के अन्य कर्मी उपस्थित रहे. दीदी की रसोई में डीडीसी ने जीविका दीदियों के भोजन का स्वाद चखा. बीपीएम ने बताया कि दीदी की रसोई इस विद्यालय से 15 जनवरी 2024 से जुड़ी हुई है. वर्तमान में इससे कुल 40 दीदियां जुड़ी हैं, जिनमें 26 दीदियां भोजन निर्माण का कार्य कर रही हैं व 14 दीदियां साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. इस पहल से दीदियों को अपने गांव में ही रोजगार मिला है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और अब उनके बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जा रहे हैं. इससे उनके परिवारों का जीवन स्तर पहले की तुलना में बेहतर हुआ है. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में यहां लॉन्ड्री सेवा भी शुरू की जायेगी, जिससे 15 से 20 और दीदियों को रोजगार मिलेगा, इससे बच्चों का समय बचेगा और वे पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
