अमरपुर में 496 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, 4 का हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम, डॉक्टरों ने दी उपचार की सलाह

अमरपुर रेफरल अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 496 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई. जांच में चार महिलाओं में गंभीर एनीमिया पाया गया, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम से कम था. डॉक्टरों ने सभी को जरूरी सलाह और उपचार के निर्देश दिए.

Amarpur Pregnant Women Health Checkup: गर्भावस्था के दौरान छोटी-सी स्वास्थ्य समस्या भी मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है. ऐसे में समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह बेहद जरूरी हो जाती है. इसी उद्देश्य से बुधवार को रेफरल अस्पताल अमरपुर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. शिविर में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं पहुंचीं और चिकित्सकों ने उनकी एएनसी यानी प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच की.

अस्पताल प्रबंधक के अनुसार, शिविर में कुल 496 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गयी. जांच के दौरान ब्लड प्रेशर, लंबाई, वजन, डायबिटीज और आवश्यक रक्त जांच समेत कई स्वास्थ्य मानकों की जांच की गयी. इसी जांच में चार गर्भवती महिलाओं में एनीमिया पाया गया. इन चारों महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम से कम मिला.

496 महिलाओं की हुई एएनसी जांच, कई जरूरी टेस्ट किये गये

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान समय पर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. अमरपुर में आयोजित शिविर में महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के दौरान उनकी सामान्य स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया.

ब्लड प्रेशर और वजन जैसी सामान्य जांचों के साथ डायबिटीज और आवश्यक रक्त जांच भी की गयी. गर्भावस्था के दौरान किसी संभावित परेशानी का समय रहते पता लग सके, इसके लिए चिकित्सकों ने महिलाओं की जांच के साथ उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह भी दी.

शिविर में पहुंची महिलाओं के लिए एक ही जगह पर कई आवश्यक स्वास्थ्य जांच उपलब्ध करायी गयीं. इससे गर्भवती महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मिलने के साथ आगे की चिकित्सा को लेकर भी सलाह मिल सकी.

चार महिलाओं में मिला एनीमिया, हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम

शिविर की जांच में चार गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम से कम पाया गया. इन महिलाओं में एनीमिया की स्थिति सामने आने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया.

डॉक्टरों ने संबंधित महिलाओं को समुचित उपचार कराने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी. गर्भावस्था के दौरान एनीमिया की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए जांच के बाद इन महिलाओं को आगे की चिकित्सा के लिए आवश्यक सलाह दी गयी.

यही वजह है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है. समय पर जांच होने से चिकित्सकों को महिला की स्वास्थ्य स्थिति समझने और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय प्रबंधन की सलाह देने में मदद मिलती है.

सुरक्षित मातृत्व के लिए समय पर जांच क्यों जरूरी

गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन और वजन जैसे स्वास्थ्य मानकों की नियमित निगरानी से संभावित जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है.

अमरपुर के इस शिविर में भी इसी उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की जांच की गयी. अस्पताल की ओर से महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया. चिकित्सकों ने जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी.

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शिविर का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं को समय रहते जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और गर्भावस्था से जुड़ी संभावित जटिलताओं की पहचान कर उचित चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित करना है.

डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों के पालन पर दिया जोर

शिविर में जांच के बाद जिन महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह की जरूरत थी, उन्हें डॉक्टरों ने आवश्यक निर्देश दिये. खासकर कम हीमोग्लोबिन वाली महिलाओं को समुचित उपचार कराने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए कहा गया.

ऐसे स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि एक ही स्थान पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान में मदद मिलती है.

Amarpur Pregnant Women Health Checkupचिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में हुआ शिविर

रेफरल अस्पताल अमरपुर में आयोजित शिविर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप्ति सिन्हा, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. नाज राहत, डॉ. राकेश कुमार और डॉ. विकास सिंह मौजूद रहे.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय रहते आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसके साथ ही गर्भावस्था से जुड़ी संभावित जटिलताओं की पहचान कर उचित चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

496 महिलाओं की जांच और चार महिलाओं में कम हीमोग्लोबिन की पहचान यह बताती है कि ऐसे शिविरों में नियमित जांच का महत्व कितना अधिक है. अस्पताल स्तर पर इस तरह की जांच से महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलती है और जरूरत पड़ने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह हासिल की जा सकती है.

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लेखक के बारे में

By प्रीतम कुमार

प्रीतम कुमार प्रिंट माध्यम में 12 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं. अमरपुर (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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