अमरपुर के छोटी दुर्गा मंदिर के पास पीसीसी सड़क बदहाल, नाले का ढक्कन भी टूटा
Banka News : अमरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 के छोटी दुर्गा मंदिर के पास की बदहाल सड़क और नाले का टूटा ढक्कन लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होने के बावजूद मरम्मत नहीं होने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है. लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है.
अमरपुर (बांका)से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट
Banka News : अमरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित छोटी दुर्गा मंदिर के समीप एक मुहल्ले में पीसीसी सड़क और नाले की जर्जर स्थिति स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है, जबकि नाले की पटिया क्षतिग्रस्त होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. बारिश के दिनों में जलजमाव और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है. स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से शीघ्र मरम्मत और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
टूटी सड़क से आवागमन हुआ मुश्किल
मुहल्ले के लोगों के अनुसार छोटी दुर्गा मंदिर के आसपास की पीसीसी सड़क कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है. सड़क टूटने के कारण पैदल चलने वालों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वाहन चालकों को भी आवाजाही में कठिनाई हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. इससे लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है.
क्षतिग्रस्त नाले के ढक्कन से बढ़ा हादसे का खतरा
सड़क किनारे बने नाले की पटिया टूट जाने से समस्या और गंभीर हो गई है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राहगीरों को हर समय नाले में गिरने का डर बना रहता है. खासकर रात के समय और बारिश के दौरान स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है. कई बार लोग बाल-बाल बच चुके हैं. मुहल्लेवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही पटिया की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश होने पर सड़क और नाले की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है. जलजमाव के कारण सड़क और नाले की पहचान करना मुश्किल हो जाता है. इससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से अधिक परेशानी उठानी पड़ती है. लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में उन्हें काफी सतर्कता के साथ आवाजाही करनी पड़ती है.
मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से बढ़ी चिंता
मुहल्ले के निवासियों ने बताया कि नाले की नियमित सफाई नहीं होने और टूटे हिस्सों में गंदा पानी जमा रहने के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है. शाम होते ही मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है, जिससे लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जल्द सफाई और फॉगिंग नहीं कराई गई तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
मुहल्लेवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर पंचायत प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है. बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही नाले की पटिया बदली गई. इससे स्थानीय नागरिकों में निराशा और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं.
शीघ्र समाधान की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से अविलंब टूटी पीसीसी सड़क की मरम्मत कराने, नाले की क्षतिग्रस्त पटिया बदलने, नियमित सफाई अभियान चलाने और फॉगिंग कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल सुविधा से जुड़ी नहीं है, बल्कि जनसुरक्षा और स्वास्थ्य से भी संबंधित है. नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना या बीमारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन से जनहित में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है.