पूर्व विधायक मामला. डीआइजी से की शिकायत
गोड्डा के पूर्व विधायक संजय यादव के ऊपर धोखाधड़ी, लूटपाट व दबंगई का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा.
बांका : ढाकामोड़ स्थित महंत अयोध्या यादव इंटर महाविद्यालय एवं महंत अयोध्या चंद्रशेखर प्रसाद यादव डिग्री महाविद्यालय में पूर्व विधायक व परिवार के सदस्यों द्वारा दबंगई से उक्त कॉलेज में अवैध कब्जा कर लिया गया है. जिसको लेकर इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य नरेंद्र सिन्हा ने पुलिस उप महानिरीक्षक को आवेदन देकर इंटर कॉलेज में व्याप्त दबंगई को समाप्त करने की मांग की है. दिये गये आवेदन में उक्त महाविद्यालय के निर्माण के लिए 10 एकड़ 20 डिस्मल जमीन स्वर्गीय महंत अयोध्या के द्वारा दान में दी गयी थी.
आवेदनकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब बिहार सरकार द्वारा सभी वित्तीय रहित कॉलेजों को अनुदान देने की घोषणा कि तब अनुदान की राशि हड़पने की नियम से मुझे प्रचार्य के पद से पूर्व विधायक के परिवार के दबंगयत के वजह से हटा दिया गया. जबकि वर्ष 2006 से लेकर 2013 तक शांति व सुचारू पूर्वक कॉलेज के संचालन का कार्य मेरे द्वारा किया गया. बावजूद मुझे कॉलेज से इन लोगों के द्वारा भगा दिया गया.
इसके अलावा महंत अयोध्या यादव इंटर कॉलेज के जमीन पर मनमाने तरीके से इन लोगों के द्वारा महंत अयोध्या चंद्रशेखर प्रसाद यादव डिग्री कॉलेज खोला गया. इस कॉलेज में पूर्व विधायक के सदस्य ही अध्यक्ष, सचिव, संरक्षक व प्राचार्य है. जबकि यूनिवर्सिटी के नियमानुसार एक ही परिवार के सगे-संबंधी महाविद्यालय के सदस्य नहीं बन सकते हैं. हालांकि इस संबंध में बांका एसपी राजीव रंजन ने बताया कि ढाकामोड़ कॉलेज से संबंधित कोई मामला मेरे जानकारी में नहीं है और ना ही डीआइजी से किसी भी प्रकार का कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. वहीं एसपी ने आगे बताया है कि पूर्व विधायक के घर की कुर्की व जब्ती को लेकर पुलिस ने न्यायालय में आवेदन दिया है.
जमीनदाता होते हैं कमेटी के पदेन अध्यक्ष
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्देशानुसार जमीन दाता ही कॉलेज कमेटि के पदेन अध्यक्ष होते हैं. लेकिन जमीन दाता के मृत्यु होने के बाद उनकी इकलौती संतान चंपा देवी को अध्यक्ष ना बनाकर जबरदस्ती पूर्व विधायक व एमएलसी मनोज यादव ने नीजी कॉलेज को हड़पने के लिए अपने पिता चंद्रशेखर यादव को अध्यक्ष बना दिया. इसके बाद वास्तबिक जमीन दाता की पुत्री चंपा देवी ने आरोप लगाया है कि मुझे अध्यक्ष ना बनाकर मेरा हकमारी किया गया है.
