अभिभावकों ने डीएम से की है स्कूलों में गरमी छुट्टी देने की अपील
बांका : इन दिनों आसमान से बरस रहे आग ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. दिन का पारा चढ़कर 42 डिग्री के पार हो गया है. दिन में कड़ी धूप के कारण लोगों के कार्य पर भी प्रतिकुल असर पड़ रहा है. कई लोग लू के शिकार होकर बीमार पड़ रहे है. वहीं स्कूलों में गर्मी छुट्टी नहीं कारण स्कूली बच्चे भी तेज धूप के कारण तिलमिला रहे है. चिलचिलाती धूप व तेज गर्म पछुआ हवा से लोगों के कंठ लगातार सुख रहे है. सुबह होते ही 9 बजे के बाद से गरमी की शुरूआत हो जाती है और दोपहर तीन बजे तक तापमान एक समान बना रहता है. ऐसे मौसम में कई लोग लू के शिकार हो रहे है. साथ ही साथ कैय व दस्त के शिकार हो रहे है.
सरकारी अस्पताल से लेकर विभिन्न नीजी क्लिनिक में इन दिनों ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ी है. जिले में बढ़ती गरमी के साथ जलस्तर भी पताल चला गया है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों का जलस्तर 5 फीट नीचे चला गया है. अधिकतर जगहों के कुआं, चापाकल, तलाब आदि पूरी तरीके से सूख चुके है. दिन प्रतिदिन और हालत बिगड़ते ही जा रही है.
पहाड़ी इलाके की बात करे तो वहां जल संकट पिछले कई माह से बरकरार है. अगर यहीं हालात रहा तो आने वाली दिनों में लोगों को जिले में पेयजल संकट की स्थिति उत्तरोत्तर गंभीर हो जायेगी और लोगों को पेयजल के लिए तरसना होगा.
दोपहर में सड़कें हो जाती हैं वीरान
जिले में तापमान बढ़ा हुआ है. इसको लेकर दोपहर होने के पहले ही सभी मार्ग सुनी हो जाती है. धूप में लोग अपने घरों से निकलने में काफी परहेज करते नजर आ रहे है. वहीं गर्मी से बचने के लिए सब ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. लोग लू से बचने के लिए बेल, आम, सत्तू, गन्ना का रस पी रहे हैं तो कोई तरबूज खाते है.
स्कूल और ऑफिस जाने वाले की बढ़ी परेशान
जिले भर में चल रही भीषण गरमी के कारण घर में लाग पंखा व कुलर ने भी काम करना बंद कर दिया है. गरमी का असर सरकारी कार्यालय से लेकर शहर के सभी स्कूलों में देखी जा रही है. अधिकतर सरकारी कार्यालय और लगभग सभी स्कूलों में पंखा नहीं रहने के कारण छात्र-छात्राओं का हालत बुरा है.
अधिकतर सरकारी कार्यालय के कर्मी ऑफिस छोड़कर ठंड वाले जगहों पर बैठकर अपना काम कार्य को पूरा कर रहे है. वहीं सरकारी स्कूली में गरमी छुट्टी नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों व अभिभावक परेशान है. अभिभावक विकास कुमार, प्रमोद कुमार, सुशील कुमार, अरविंद्र कुमार, पंकज मिश्रा आदि ने बताया कि गरमी को देखकर अब छोटे बच्चों को स्कूल भेजने का मन नहीं करता है. लेकिन मजबूरी में बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है. जिस कारण कई बच्चों बीमार पड़ रहे है. साथ ही अभिभावकों ने प्रचंड गरमी को देखते हुए जिलाधिकारी से तत्काल स्कूल में गरमी छुट्टी घोषित करने की मांग की है.
बढ़ी गरमी, बरतें सावधानी
घर से निकलने से पहले पानी पीकर निकलें.
धूम वाले चश्मे का प्रयोग करें, जिससे धूप, गर्म हवा और धूल से आंखों का बचाव हो सके.
खीरा, ककरी, तरबूज अधिक खानी चाहिए. इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है.
अपने शरीर को हाइड्रेट रखना है जरुरी, क्योंकि गर्मियों में काफी पसीना आता है और डिहाइड्रेशन हो होने की संभावना रहती है.
बाहर का या रोड साइड फूड तो कुछ समय के लिए भूल ही जाएं, क्योंकि ये खाना काफी ऑयली और अनहेल्दी होता है.
रोजाना फल खाएं जिनसे पानी की कमी दूर हो या जो हाइड्रेटिंग हो. साथ ही ताजा भोजन करे.
बाहर का जूस भी ना पींए. बाहर जूस किस तरह से बनाया गया है, कैसे फल इस्तेमाल किए गए है, इसकी जानकारी हमें नहीं होती. जिस कारण यह फल नुकसान भी कर सकता है.
