कुरमा व करहरिया डांड़ का किया निरीक्षण
योजनाओं के क्रियान्यवन के लिए नदी तटों को खंगाला
जलवायु अनुकूल बनाने की दिशा में विभाग कर रहा है प्रयास
धोरैया : मनरेगा के तहत प्रखंड के नदी तटों पर अवस्थित आउटलेट का निरीक्षण करने बुधवार को आइसीआरजी की टीम धोरैया पहुंची. टीम में शामिल प्राकृतिक संसाधन एक्सपर्ट डाक कृष्णमुरारी, रिपोर्टिंग ऑफिसर हिमांशु शेखर, आइआइटी खड़गपुर के इंजिनियर अरविंद तथा जलवायु परिवर्तन एक्सपर्ट कोयल मंडल ने धोरैया के मनरेगा पीओ संजीव कुमार दास के संग प्रखंड अंतर्गत गेरुआ नदी के तटबंध पर पहुंच आउटलेट का निरीक्षण किया. मौके पर मौजूद प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि सह मड़ररिया वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष परवेज अख्तर व उपप्रमुख बलजीत सिंह ने टीम को बताया कि अत्यधिक बालू उठाव के कारण नदी काफी गहरी हो
गयी जिससे आउटलेट में पानी हीं नहीं आता. मिशली शैरावी ध्वस्त होने से सिंचाई व्यवस्था से मरहुम यहां के किसान कंगाल हो गये. टीम ने गेरुआ नदी के कुरमा व करहरिया डांड़ का अवलोकन किया तथा इस दिशा में अग्रेतर कार्रवाई के लिए डब्लूआरडीए से बात कर सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ करने की बात कही. बताया गया कि मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 17-18 में मृतप्राय आउटलेट में हत्था का निर्माण कर सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जायेगा. टीम ने आश्वस्त किया कि डाड़ की क्षमता के अनुरुप पानी का बहाव आउटलेट में कराकर किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में विभागीय प्रयास जारी रहेगा. टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि बिहार के 8 जिलों के 35 प्रखंडों का चयन आइसीआरजी ने किया है. इसके तहत बांका जिला के चार प्रखंड चांदन, फुल्लीडुमर, धोरैया व बौंसी शामिल हैं.
