मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा अपना जिला
बांका : शहर के विकास के लिए सरकार के द्वारा विभिन्न तरह की योजना चला रखी है. लेकिन आज भी बांका शहर कई मूलभूत समस्याओं से जुझ रहीं है. शहर में रोजाना जाम लगना आम आम हो गयी है. वहीं नाला जाम व यत्र-तत्र कुड़े का अंबार लगना आदि की समस्या बनी हुई है. जबकि शहर का ट्रैफिक फ्लो वहां की प्रशासनिक व्यवस्था की स्थिति बयां करता है. साथ ही साथ लोगों का सिविक सेंस भी दर्शाता है. शहर में सड़क का जाम होना रोजमर्रा की बात है.
ऐसे में पहली बार बांका आने वाले लोगों के मन में शहर के प्रति क्या छवि बनती है यह समझा जा सकता है. शहर में आये दिन लगने वाले जाम से ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों से लेकर स्कूली छात्र-छात्राओं आदि को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जाम के कारण शहरवासी मिनटों में तय होने वाली दूरी घंटों में तय करने को मजबूर हैं.
शहर के शिवाजी चौक, गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस के समीप, अलीगंज, भागलपुर बस स्टैंड एवं नया टोला मोड़ के समीप अक्सर जाम रहता है. सड़क जाम के कई कारण हैं. कहीं सड़क का अतिक्रमण किया जाना, तो कहीं ट्रैफिक संचालन की समुचित व्यवस्था नहीं होना, तो कहीं सड़कें संकीर्ण होना जाम के प्रमुख कारण हैं. इसके अलावा आम लोगों को ट्रैफिक की जानकारी नहीं होना बेतरतीब वाहन चलाना और गलत ढंग से गाड़ी पार्क करना भी जाम के कारणों में शामिल है. सड़क जाम से शहरवासी के अलावा आम राहगिरों को काफी परेशानी होती है.
जहां मन किया, वहीं खड़ा कर दिया वाहन
शहर में पार्किंग का अभाव है. इस कारण वाहन चालकों को जहां मन करता है, वहीं अपने वाहन खड़े कर बाजार करने चले जाते है. इस वजह से लगने वाले जाम के कारण लोगों को परेशानी होती हैं. टेंपो, जीप, मैजिक, बस आदि वाहनों के चालक भी इसमें पीछे नहीं है. सड़क पर कहीं भी वाहन खड़ा कर सवारी बैठाना आदत बन गयीं हैं.
शहर में पार्किंग के लिए कोई स्थान निर्धारित नहीं है. कई बैंक, बाजार, सरकारी कार्यालय आदि के समीप पार्किंग स्थल नहीं हैं. इस वजह से वाहनों की लंबी कतार लग जाती हैं. यह स्थिति शिवाजी चौक, गांधी चौक स्थित निबंधन कार्यालय, कचहरी के समीप, डोकानिया मार्केट, सब्जी बाजार जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी है.
फुटपाथ पर दुकान सड़क पर सामान
शहर के शिवाजी चौक से लेकर अंबेडकर चौक तक सड़क किनारे फुटपाथ सब्जी विक्रेताओं का दुकान लगा रहता है. इन दुकानदारों के द्वारा विभिन्न जगहों पर तंबुक गाड़कर सड़क को अतिक्रमित कर रखा है. कई जगहों पर जिले के विभिन्न मार्गो में जाने वाली जीप व ऑटो गाड़ियां का स्टैंड बना हुआ है. रही-सही कसर फुटपाथी दुकानदार व ठेला वाले पूरी कर देती है.
फुटपाथ पर झोपड़ीनुमा दुकान और ठेले पर सजी दुकानों के कारण पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए मुख्य पथ ही बचता है. वाहनों की भरमार व फुटपाथों पर अतिक्रमण के चलते शहर के कई हिस्से में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. स्थानीय प्रशासन के द्वारा कई बार सड़क किनारे लगाये गये दुकानों को अतिक्रमुक्त भी कराया. लेकिन कुछ दिन के बाद पुन: स्थिति जस की तस बनी हुई है.
