कहीं सड़क पर कूड़े का अंबार लगा है, तो कहीं मुहल्ले का नाला जाम है. दूसरी ओर मच्छरों को मारने के िलए चार फाॅगिंग मशीन में से दो खराब है.
बांका : शहर के विभिन्न हिस्सों में गंदगी का अंबार पड़ा हुआ है, जबकि सरकार स्वच्छता को लेकर विभिन्न तरह की योजना को चला रखी है. यह योजना धरातल पर उतरने का नाम नहीं ले रहा है. नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में गंदगी का अंबार है. लोगों को कई जगहों से नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ रहा है.
बदबू के कारण इन रास्तों से लोगों का चलना दूभर हो गया है. साफ-सफाई नहीं होने के कारण विभिन्न मुहल्लों, गलियों व नालियों की स्थिति बदतर है. आलम यह है कि मुख्य मार्ग से लेकर गली व मुहल्ले में कई जगह कूड़े का अंबार पड़ा हुआ है. हालांकि वार्ड के लोगों ने नियमित साफ-सफाई के लिए नगर प्रशासन से लेकर जिला पदाधिकारी तक को शिकायत की है. फिर भी इसमें सफलता नहीं मिलती है.
शहर की जनसंख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए इसे नगर पंचायत से अपग्रेड कर नगर परिषद का दर्जा तो जरूर मिल गया है. लेकिन बदइंतजामी का आलम यह है कि नगर परिषद के 22 वार्ड में साफ-सफाई के लिए मात्र 12 मजदूर ही कार्यरत हैं. इसमें पांच नगर परिषद द्वारा व सात एनजीओ के द्वारा रखे गये हैं. जबकि गंदगी से निजात के लिए कई साल पूर्व में खरीदे गये 50 डस्टबीन में अब कुछ ही स्थानों पर डस्टबीन नजर आते हैं. वहीं नगर परिषद में 60 ट्राली के साथ चार फागिंग मशीन खरीदी गयी थी.
दो दर्जन से अधिक ट्राली नकारा हो चुकी है. चार फॉगिंग मशीन में से दाे पिछले कई माह से खराब पड़ा हुआ. मौजूद दो मशीन नगर परिषद कार्यालय की शोभा बनी हुई है. गत छह माह से इस मशीन का उपयोग नहीं किया गया है. उधर एक सेक्शन मशीन भी खरीदी गयी थी जो फिलहाल कार्यरत है.
भिन्न मुहल्ले में साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है. अगर किसी मुहल्ले में शिकायत है तो उसे भी जल्द से जल्द दूर कर लिया जायेगा.
बीके तरुण, अधिकारी, नगर परिषद
