इमरजेंसी रोगी को किया जा रहा रेफर

जिले में ब्लड की व्यवस्था नहीं बांका : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल बांका का ब्लड स्टोरेज की लाइसेंस का नवीनीकरण अब तक नहीं हो पाया है. जिससे इतने बड़े अस्पताल के इमरजेंसी मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है. अस्पताल में ब्लड की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण कई रोगियों की मौत भी […]

जिले में ब्लड की व्यवस्था नहीं

बांका : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल बांका का ब्लड स्टोरेज की लाइसेंस का नवीनीकरण अब तक नहीं हो पाया है. जिससे इतने बड़े अस्पताल के इमरजेंसी मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है. अस्पताल में ब्लड की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण कई रोगियों की मौत भी हो चुकी है. जिसके कारण अस्पताल के चिकित्सक ऐसे रोगी का ईलाज करने से भी परहेज करने लगे है. या फिर ऐसे रोगियों को बेहतर ईलाज के लिए मजबुरन भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है. हालांकि सदर अस्पताल में ब्लड स्टोरेज की एक यूनिट मौजूद है. लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण विगत कई 5 वर्ष से यह यूनिट कार्यरत नहीं है.
क्या है मामला : बांका सदर अस्पताल एवं अमरपुर रेफरल अस्पताल एफआरयू अस्पताल है. जहां ब्लड स्टोरेज होना आवश्यक है. सदर अस्पताल को पूर्व में ब्लड स्टोरेज करने का लाइसेंस राज्य ड्रग कंट्रोलर के द्वार निर्गत किया था. लेकिन 8 मार्च 2012 के बाद अस्पताल का यह लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है. जिसका नवीनीकरण मदर ब्लड बैंक जेएनएमसीएच अस्पताल भागलपुर को किया जाना है. जो 5 वर्षो से लंबित है.
अस्पताल में ब्लड बैंक की भी नहीं है कोई सुविधा
बांका सदर अस्पताल में जहां प्रतिदिन आउटडोर में करीब 5 सौ से अधिक मरीजों को देखा जाता है. इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड में भी सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन मरीज पहुंचते हैं. इनमें से कई रोगियों को ब्लड की भी आवश्यकता होती है. खासकर दुर्घटना एवं सर्जरी केस के मामले में तो ब्लड की सख्त आवश्यकता होती है. लेकिन अस्पताल में कोई सुविधा नहीं रहने के कारण यहां के चिकित्सक लाचार और वेवश होकर ऐसे रोगी को रेफर कर देने को विवश है.
जिलाधिकारी ने भी की है पहल : सदर अस्पताल बांका में ब्लड की व्यवस्था के लिए पूर्व से लेकर वर्तमान जिलाधिकारी ने भी इस मामले में पहल की है. लेकिन मामला आज तक अटका पड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि अस्पताल में एमडी पैथोलॉजी के चिकित्सक नहीं रहने के कारण भी ब्लड बैंक नहीं खुल पा रहा है. साथ ही रेड क्रास सोसाइटी के कई मानकों में भी सदर अस्पताल अभी पीछे चल रहा है.
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
बांका सदर अस्पताल में ब्लड स्टोरेज की यूनिट है. लेकिन इन स्टोरेज में ब्लड की व्यवस्था नहीं है. इसके लिए विभागीय प्रयास अंतिम चरण में है. जल्द ही अस्पताल में सारी सुविधा उपलब्ध हो जायेगी.
डा सुधीर कुमार महतो, सिविल सर्जन, बांका

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