मुहल्ले के लोग पी रहे हैं जहर

सरकार की योजनाओं के बावजूद मुहल्लेवासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन, ज्यादातर लोग को पानी के रूप में जहर पीने को विवश हैं. कुछ लोग पीने के लिए डब्बा बंद मिनरल वाटर का उपयोग कर रहे हैं.बांका : सरकार घर-घर नल का जल पहुंचाने के लिए विभिन्न तरह की योजना व […]

सरकार की योजनाओं के बावजूद मुहल्लेवासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन, ज्यादातर लोग को पानी के रूप में जहर पीने को विवश हैं. कुछ लोग पीने के लिए डब्बा बंद मिनरल वाटर का उपयोग कर रहे हैं.बांका : सरकार घर-घर नल का जल पहुंचाने के लिए विभिन्न तरह की योजना व प्रचार-प्रसार कर रही है. लेकिन इस योजना का लाभ कितने मुहल्ले में पहुंच रहा है यह आप को बता देते हैं.
ग्रामीण इलाके की तो बात दूर है. जिला मुख्यालय के कई मुहल्लेवासी आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं. मालूम हो कि वार्ड नंबर 16 में आये दिन लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है. जबकि कई लोगों के घर में चापाकल है लेकिन वो भी आये दिन सही तरह से काम नहीं कर पा रहा है. कारण यह है कि गरमी के मौसम में जलस्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है. जिस कारण सही तरह से चापाकल काम नही कर पा रहा है. जबकि सरकार द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के घर तक शुद्व पानी को पहुंचाने के लिए पाईप लाईन का निर्माण कर घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने का निर्णय लिया गया है. लेकिन यह निर्णय खोखला साबित हो रहा है.
अधिकांश लोग खरीद कर पीते हैं पानी
मुहल्ले के अधिकांश लोग अपने घरों में पीने के लिए डिब्बा बंद मिनरल वाटर का उपयोग करते है. मुहल्लेवासी बताते है कि घरों में जो चापाकल लगे है. उनका पानी पीने योग्य नहीं है. जिस कारण मजबूरी बस लोग पीने वाली पानी को खरीद कर पीने को मजबूर है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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