वक्त पर फसल में पानी नहीं मिलने से नुकसान की आशंका बढ़ती जा रही है. सिंचाई विभाग ध्यान नहीं दे रहा.
बांका : अच्छी उपज के लिए किसान दिन भर अपने खेतों में मेहनत करते हैं ताकि उनका फसल अच्छी हो. लेकिन फसल तैयार होने के वक्त पानी नहीं मिले, तो क्या होगा. ऐसे में किसानों की मेहनत व खर्च किये रुपये पर पानी फिर जाता है. यही हाल है खिड्डी मेन ब्रांच नहरी क्षेत्र का किसानों का. फसल तैयार होने के वक्त नहर सूख जाती है. इससे किसानों के धान मरने के कागार पर पहुंच जाते हैं.
मालूम हो कि यह नहर बहुत पुराना है. रखरखाव नहीं होता. इस कारण डैम से खिड्डी तक जाने वाली नहर का बांध कई जगह पर क्षतिग्रस्त हो चुका है. इस कारण सही तरीके से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है. इसके लिए क्षेत्र के कुछ किसान जागरूक होकर बांध की रखवाली करते रहते हैं. तभी किसानों के खेतों तक पानी पहुंच पाता है. लेकिन पिछले सप्ताह से नहर बांध कई जगह पर क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण नहर का पानी घटने लगा है. इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है. किसानों का मानना है कि इस वक्त ही पानी की आवश्यकता होती है. अगर इस वक्त पानी नहीं हुआ, तो फसल बरबाद हो जायेगी.
सरकार किसानों को आत्मनिर्भर करने के लिए तरह-तरह की योजना पर प्रतिदिन काम कर रही है. ताकि किसानों को परेशानी न हो. फसल बीमा, डीजन अनुदान, अनुदानित दर पर किसानों को सामग्री आदि योजना का लाभ उन किसानों को ही मिल पाता है जो प्रतिदिन कार्यालय का चक्कर लगाता हो. इसके आलावे कुछ ऐसे क्षेत्र हैं
जहां के किसानों को सरकार द्वारा मिलने वाली योजना के बारे में जानकारी भी नहीं है. जबकि सरकार द्वारा किसानों तक जानकारी पहुंचाने के लिए हर क्षेत्र में कृषि सलाहकार को बहाल किया है. लेकिन यह सलाकार उन किसानों को जानकारी देने पहुंचते ही नहीं है. ना ही क्षेत्र के किसान अपने सलाहकार को पहचानते हैं.
