दस में से एक को है किडनी की बीमारी

सावधान. गलत जीवन शैली से बढ़ रहे मरीज लोगों की खराब जीवन शैली के कारण िकडनी खराब होने की समस्या अब आम हो गयी गयी है, आलम यह है िक दस में एक िकडनी रोग से ग्रस्त हैं. बांका : किडनी खराब होने की समस्या अब आम समस्या बन गयी है. यही कारण है कि […]

सावधान. गलत जीवन शैली से बढ़ रहे मरीज

लोगों की खराब जीवन शैली के कारण िकडनी खराब होने की समस्या अब आम हो गयी गयी है, आलम यह है िक दस में एक िकडनी रोग से ग्रस्त हैं.
बांका : किडनी खराब होने की समस्या अब आम समस्या बन गयी है. यही कारण है कि हर दस लोगों में एक व्यक्ति किडनी रोग से प्रभावित हैं. इसके कई कारण भी हैं. गलत खान-पान,परिश्रम की कमी,चिंता,तनाव आदि लोगों को किडनी रोगों के करीब ला रहा है. वहीं अत्यधिक एंटीबायोटिक व पेन किलर का सेवन भी किडनी पर बुरा प्रभाव छोड़ता है. हाइ ब्लड प्रेशर एवं डायबिटीज में किडनी फेल्योर का खतरा काफी बढ़ जाता है. ऐसे में संतुलित जीवन शैली व अत्यधिक पानी के सेवन से इसके खतरे को टाला जा सकता है.
ऐसे काम करता है किडनी : शरीर में एक जोड़ी किडनी होते हैं, जो पसली के ठीक नीचे होता हैं. किडनी के अंदर लाखों छोटे-छोटे यूनिट होते हैं, जिन्हें नेफ्रॉन कहते हैं. हर यूनिट फिल्टर का काम करता है.
किडनी खून को फिल्टर करता है शरीर से अविशष्ट पदार्थ जैसे पानी, यूरिया आदि व्यर्थ पदार्थों को मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकाल देता है. किडनी की प्रक्रिया से शरीर में रसायनों का संतुलन भी बना रहता है. यह नमक, पोटैशियम और एसिड की मात्रा का संतुलन बनाये रहता है. इससे कई ऐसे हॉर्मोन भी निकलते हैं जो रेड ब्लड सेल्स के बनने में मददगार हैं और कुछ हॉर्मोन बीपी को भी कंट्रोल करते हैं. इसी कारण किडनी फेल होने की स्थिति में बीपी भी बढ़ जाता है.
किडनी खराब होने के हैं कई लक्षण
किडनी फेल होने के कई कारण हो सकते हैं. हाइ बीपी, डायबिटीज और स्टोन से भी किडनी फेल हो सकता है. इसका प्रमुख लक्षण उलटी होना, शरीर में सूजन, भूख कम लगना, सिर में दर्द और कमजोरी हो सकती है. कभी-कभी एक्यूट किडनी इंज्यूरी में भी किडनी फेल्योर हो सकता है. इसमें अचानक किडनी काम करना बंद कर देता है. इसके कई कारण हो सकते हैं. जैसे किडनी तक खून नहीं पहुंचना, किडनी डैमेज, पेशाब का किडनी में वापस जाना, डायरिया या डिहाइड्रेशन से भी ऐसा होता है.
खूब पानी पीयें
किडनी फेल्योर के लिए हमारी आदतें भी जिम्मेवार हैं. आजकल लोग पानी पीने में कंजूसी करते हैं. इसके कारण भी दिक्कत होती है. इसलिए रोज दो लीटर पानी जरूर पीयें. रोज व्यायाम करें. शूगर, हाइ बीपी और मोटापे से बचें. यदि डायबिटीज या हाइ बीपी है, तो इलाज और परहेज पर ध्यान दें. साथ ही समय पर चेकअप कराते रहें. इन छोटी बातों का ध्यान रख कर बड़ी समस्यों से बचा जा सकता है. किडनी रोग से बचने के लिए नमक पांच ग्राम से ज्यादा नहीं खायें.
बचाव के टिप्स
फिट और एक्टिव रहें.
ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल में रखें.
वजन को नियंत्रित रखें.
पेन कीलर कम खायें.
साल में एक बार किडनी चेकअप करायें.
नमक कम खायें.
पानी खूब पीयें, कोताही नहीं करें.

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