यदि समय पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लखपुरा गांव पहुंच कर डायरिया पीड़ितों का इलाज प्रारंभ कर देती, तो शायद तीन लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती.
बांका : डायरिया का प्रकोप जिले भर में फैलता जा रहा है, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी सुस्त पड़े हुए हैं. मुख्यालय से तीन किलोमीटर की दूरी में पीड़ित डायरिया के मरीजों को विभाग देखने तक नहीं गया है. यह मामला यहां सप्ताह भर से हैं, लेकिन लगातार तीन दिन में डायरिया के रोगियों में इजाफा हुआ है और विभाग तीन किलोमीटर की दूरी तक भी इलाज करने में हाथ खड़े कर दिये. यदि समय पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लखपुरा गांव पहुंच कर डायरिया पीड़ितों का इलाज प्रारंभ कर देती तो शायद अबतक इस गांव में तीन लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती. काफी मशक्कत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को लखपुरा गांव पहुंची तो जरूर, लेकिन आनन-फानन में इलाज कर वापस लौट गयी.
डायरिया से तीन लोगों की मौत बीते दो दिनों में हो चुकी है और सिविल सर्जन इस दिशा में सुस्त बने हुए हैं. शनिवार को सदर अस्पताल में करीब आधे दर्जन लोग डायरिया का इलाज कराने पहुंचे जिनमें ककवारा के संजू कुमारी 15 वर्ष, लखपुरा के सुनीता कुमारी 3, लपटोलिया के मो. आसीक 15, चक्काडीक के लक्ष्मी कुमारी 4 एवं कटेली के मनोज साह 30 वर्ष शामिल हैं. इस संबंध में सीएस डा सुधीर कुमार महतो ने बताया कि शुक्रवार को ही स्वास्थ्य विभाग की टीम लखपुरा गांव पहुंची और इलाज कर रही है. जिनमें चिकित्सक, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं, लेकिन लोगों ने कहा कि कुछ समय के लिए चिकित्सक गांव आये थे और वह निकल गये. शनिवार को सिर्फ आशा व एएनएम ही गांव आयी और चली गयी लेकिन ये आरोप सरासर गलत है.
